गली कासिम जां और मिर्ज़ा साहब से एक मुलाकत

पूछते हैं वो के ग़ालिब कौन है? कोई बतलाओ के हम बतलाएं क्या? .. बल्ली मारां की वो पेचीदा दलीलों की-सी गलियाँ एक क़ुरआने सुख़न का सफ़्हा खुलता...

लहू है की तब भी गाता है – पाश

पाश (9.9.50-23.03.88)पाश के बारे में पढ़ा हूँ लेकिन कभी ज्यादा पढ़ने का मौका नहीं मिला.करीब दो साल पहले प्रशांत ने शहीद भगत सिंह से...

वह, जो राजेश जी को कहना है

(कविता की समझ मुझमे बिलकुल नहीं है, तो इसे आप कविता-संग्रह की समीक्षा न समझें.मेरे लिए यह पोस्ट लिखना बड़ा कठिन था,क्यूंकि ना मेरे...

रसिया व् स्पोमिन्नानियाख – स्मृतियों में रूस

'स्मृतियों में रूस' को लेकर मैं बहुत पहले से काफी उत्साहित था.शायद आजतक मैं किसी भी किताब को लेकर इतना उत्साहित कभी नहीं रहा.इसकी...

ग़ालिब-गुलज़ार : गुलज़ार साहब के साथ कुछ लम्हे (७)

हैं और भी दुनिया में सुखनवर बहुत अच्छे,  कहते हैं कि गालिब का है अंदाज ए बयां और -गुलज़ारकभी कभी कोई रात फिल्म देखकर गुज़रती है...तो...

प्रिय राम(निर्मल वर्मा के पत्र) : २

(इन खतों को जिस दिन मैंने पढ़ा था, उसके बाद इसमें से कुछ न कुछ ड्राफ्ट में सेव करता गया.पोस्ट काफी बड़ी और क्लटरड...

प्रिय राम(निर्मल वर्मा के पत्र)

पिछले महीने पटना में एक किताब खरीदी थी - 'प्रिय राम'.इस किताब में निर्मल वर्मा के द्वारा अपने बड़े भाई चित्रकार रामकुमार को लिखे...

गुलज़ार साहब के साथ कुछ लम्हे -पार्ट ६ (हैप्पी बर्थडे)

पुरे देश में अन्ना की हवा चल रही है.बैंगलोर भी इससे अछूता नहीं.यहाँ भी जगह जगह अन्ना के समर्थन में लोग घरों से बाहर...

किताबों का खोता अस्तित्व

बहुत पहले की बात है, किसी अखबार या पत्रिका में पढ़ा था एक पुराने गुमनाम उर्दू शायर के बारे में(नाम नहीं याद)..किताबों से इतना...

गुलज़ार साहब – मेकिंग ऑफ अ सॉंग

पिछले साल एक किताब पढ़ी थी.100 Lyrics : Gulzar.इस किताब में गुलज़ार साहब के चुने हुए १०० बेहतरीन गानों का संकलन है, और साथ...