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Literature and Books

बस एक लम्हे का झगड़ा था – गुलज़ार साहब के साथ...

एक फिल्म आई थी "दस कहानियां", फिल्म तो कुछ खास नहीं थी, लेकिन अलग जरूर थी..इस फिल्म में दस अलग अलग कहानियां थी जिसे...

विश्व पुस्तक मेला, दिल्ली – मेरी नज़र से (1)

हर साल की तरह इस साल भी विश्व पुस्तक मेला का दिल्ली में आयोजन हुआ है. बीच में ऐसी बातें सुनने में आई थी...

अपनी खिड़की से और ध्रुव गाथा : दो खूबसूरत किताब

दृढ संकल्प हटा सकता है गिरिवर को भी, धारा रेत बना देती है पत्थर को भी.पिछले महीने ही गिरिजा कुलश्रेष्ठ जी की दो किताबें डाक...

गुलज़ार साहब के साथ कुछ लम्हे -पार्ट ६ (हैप्पी बर्थडे)

पुरे देश में अन्ना की हवा चल रही है.बैंगलोर भी इससे अछूता नहीं.यहाँ भी जगह जगह अन्ना के समर्थन में लोग घरों से बाहर...

1975 के पटना बाढ़ पर लिखी फणीश्वरनाथ रेणु की दिलचस्प रिपोर्टिंग

इन दिनों दिल्ली में बारिश खूब हो रही है, जम कर बादल बरस रहे हैं. ऐसे में अपने शहर पटना की याद आना लाजमी...

पाश

युग को पलटने में मसरूफ लोग बुखार से नहीं मरते मौत के कंधे पर जाने वालों के लिए मौत के बाद जिंदगी का सफर शुरू होता है।...

इच्छाओं का खेल

आर्ट ऑफ लिविंग वाले श्री श्री रवि शंकर को तो आप सब जानते ही होंगे. मेरे एक मित्र भी उनके बहुत बड़े अनुयायी हैं,...

कुछ ख़्वाब…कुछ ख्वाहिशें

  जनवरी में अमित भैया (अमित श्रीवास्तव) -निवेदिता भाभी (निवेदिता श्रीवास्तव) की  किताब कुछ ख्वाब कुछ ख्वाहिशें      प्रकाशित होकर आई. इस किताब...

मीना कुमारी – एक एहसास

मीना कुमारीमीना जी चली गईं..कहती थीं - राह देखा करेगा सदियों तक, छोड़ जाएंगे यह जहां तन्हा...और जाते हुए सचमुच सारे जहान को तन्हा...

हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले

ग़ालिब कि ग़ज़लें - पार्ट २ हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले, बहुत निकले...