राखी पर मिला बहनों का प्यार…कार्ड, सिल्क और बर्फी

इससे भी बेहतर सुबह राखी की क्या होगी? कल रात तक ये अफ़सोस रहा कि इस साल किसी का राखी पहुँच नहीं सका मेरे...

पन्द्रह अगस्त और कुछ यादें, बातें मेरी

पंद्रह अगस्त...जाने क्या क्या यादें जुड़ी हैं इस एक दिन से. ये दिन सच में ख़ास होता है, मन का मौसम चाहे कैसा भी...

इवनिंग डायरी – ४ – मेरा पहला ब्लॉग

लगता है पुरानी बातें याद दिलाने में फेसबुक अब माहिर होते जा रहा है. हाँ सच में. अब आज का ही देख लीजिये, जैसे...

इवनिंग डायरी – ३

बड़े दिनों से ब्लॉग्गिंग लगभग बंद ही है. आज यूहीं फेसबुक पर टहल रहा था तो एक पाँच साल पुरानी अपनी ही पोस्ट दिखाई...

कौनहारा घाट और नेपाली मंदिर

पिछले महीने जब पटना में था मैं, तब एक दिन हाजीपुर जाना हुआ. वहाँ जाने का कोई खास उद्देश्य नहीं था. मार्च का महीना...

हँसिए कि आप भैया भाभी के घर में हैं

बड़ा नोस्टैल्जिक कर देने वाला मौसम है ये. पता नहीं ऐसा मेरे साथ ही होता है या दूसरे लोगों के साथ भी कि गर्मियों...

कुछ पुरानी यादों के नशे में…एक बार फिर

ब्लॉग्गिंग के वे बड़े अच्छे दिन थे जब किसी ने एक पोस्ट लिखा, और आपको कुछ अपना उस पोस्ट से याद आ जाता था...

कविताएँ ही नहीं, खूबसूरत रिश्ते भी रचती हो तुम…

वैसे तो बहुत सी बातें हैं लेकिन एक बात ख़ास तौर पर है जो शिखा दीदी को और मुझे जोड़ती है. वो है ये...

दीदी के हाइकू और मेरी बातें

हाइकू जापानी कविता पद्धति है. मुझे ये हाइकू लिखना नहीं आता. लेकिन मेरी दीदी जो कि ब्लॉगर भी है, ‘कही-अनकही’ और ‘कलाम-ए-मोहब्बत’ जैसे मशहूर...

एल्बम गाड़ियों का

कई शौक थे मुझे बचपन में. उनमें से एक शौक था, गाड़ियों की तस्वीरें जमा करने का. मैं उन्हें एक एल्बम के रूप में...