छठ पूजा – पटना में नहीं रहने की मजबूरी, कुछ यादें..

सुबह सो कर उठा तो सर थोड़ा भारी सा लग रहा था..शायद कल रात युहीं कुछ बातें सोचते सोचते बड़ी देर तक जागा रहा...

सम मोस्ट इरिटेटिंग जर्नीज़

मेरी पहली ट्रेन यात्रा कब हुई ये तो याद भी नहीं, लेकिन लंबी दुरी की पहली ट्रेन यात्रा 2002 के मई महीने में हुई...

वो कमरा याद आता है..

जावेद साहब की एक कविता है "वो कमरा याद आता है".उस कविता को जब कभी पढ़ता हूँ, एक टीस सी उठती है मन में.दो...

उम्र चढ़ती रहेगी साल घटते रहेंगे और होती रहेगी गुफ्तगू…

मेरी ज़िन्दगी में मेरी बहनों का हमेशा से एक अलग स्थान रहा है और ख़ास कर के दो बहनों का, मोना और प्रियंका दीदी...

कुछ दोस्तों के लिए..

अभी आज ही सुबह एक दोस्त का फ़ोन आया, उस समय मैं ऑफिस के लिए निकाल रहा, जल्दबाजी में था और मुह से ये...

दीवाल पे टंगे चंद लम्हे

आजकल दिल्ली में हूँ और कुछ काम के सिलसिले में काफी भाग-दौड करना पड़ रहा है.अगले हफ्ते वापस बैंगलोर भी जाना है और फिर...

तुम सब काश होते मेरे साथ…

पिछले कुछ दिनों से मेरा एक बहुत ही अच्छा दोस्त अकरम मेरे साथ था.कुछ काम के सिलसिले में वो बंगलोर आया हुआ था,१ सप्ताह...

पेंटिंग…फिर से.

एक छोटी सी बात, कुछ पुरानी यादों के नशे में जैसा __आज एक मित्र के साथ रिलाइअन्स टाइमआउट जाना हुआ.कुछ पेपर फाइल और...

क्लूनी..पिएर्स और अर्नोल्ड – एक बार फिर

इस पोस्ट को समझने के लिए पहले देखें की भूमिका में कौन कौन हैं  - मैं(अभिषेक) - जोर्ज क्लूनी राहुल उपाध्याय - पिएर्स ब्रोसनन  मनीष मलिक - अर्नोल्ड...

बस इंतज़ार !

इंतज़ार..इन्तेज़ार करना ही तो हमेशा से उसका सबसे प्रिय काम रहा है..जब से होश संभाला है उसने तबसे वो किसी न किसी इंतज़ार में...