तीज की कुछ यादें, कुछ अभी की बातें और एक आधुनिक...

इस साल के तीज पर बने पेड़कियेबचपन से ही तीज का पर्व मेरे लिए एक ख़ास पर्व रहा है. सच कहूँ तो उन दिनों इस...

एक वो भी था ज़माना, एक ये भी है ज़माना..

बारिश हो रही हो, मौसम सुहाना हो गया हो और ऐसे में अगर कुछ पुराना याद आ जाए तो जाने क्या हो जाता है...

किस्सा जूतों का

नोट्स फ्रॉम डायरी - २९ नवम्बर २०१७ आज बड़े दिन बाद नए जूते लिए.. जूतों के मामले में मैं बाकी लोगों से थोडा आलसी किस्म का...

जाने पहचाने चेहरे

कुछ ऐसे जगह होते हैं जहाँ अक्सर जाने पहचाने चेहरे नजर आ जाते हैं...उन चेहरों को हम नाम से नहीं बस शक्लों से पहचानते...

एक कीड़े ने पुराना समय याद दिलाया।

कल की सुबह बेहद आम थी. मैं घर से काम पर निकला. सुबह दस बजे की मेट्रो लेता हूँ मैं. मेरे मेट्रो रूट पर...

एक अजीब सा डर

वो बचपन से ही डरता था.बेवजह ही एक डर उसके अंदर समायी हुई थी.लेकिन वो अपने इस डर के बारे में किसी से कुछ...

कुछ पुरानी यादों के नशे में (पार्ट १३ )

सुधा मौसी(बड़ी मौसी),मेरी माँ,गीता मौसी(छोटी मौसी)इस दफे जब मैं पटना आ रहा था तो रस्ते में ही मुझे ये खबर मिली की मेरी बड़ी...

दो दोस्त –(माइक्रो पोस्ट)

मेरे दोस्त अकरम ने मुझे दो दिन पहले एक कहानी सुनाई थी फोन पर -अकरम - दो दोस्त थे, दोनों एक दूसरे को बहुत...

यादें – दिल्ली विजिट

एक ब्लॉगर होने के कुछ नुकसान भी होते हैं..जो दोस्त हैं, वो ये तो जानते नहीं की लिखने में कितना सोचना पड़ता है, बस...

छोटे छोटे भाइयों(बहनों) के बड़े भैया

कल शाम मैं IPL देख रहा था, की अचानक से मेरी छोटी बहन निमिषा का एक sms आया..वो sms कुछ ख़ास नहीं था, एक...