एक ऐड्वर्टाइज़्मन्ट जिसनें दिलों पर तबाही मचा रखी है

पिछले एक महीने से अधिकतर लोग टीवी में न्यूज़ चैनल में इलेक्शन को लेकर अटके पड़े थे, तो वहीं कुछ लोग ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान...

कैसे भूलोगे मेरा नाम – यूफोरिया, एक ऐसा बैंड जो कभी...

पिछले दो दिनों से दिल्ली का मौसम खूब सुहाना हो गया है. बारिश हो रही है और सुबह और शाम ठंडी हवाएं चल रही...

मिर्ज्या – एक विसुअल और पोएटिक मास्टरपीस

जब से सुना था इस फिल्म के बारे में तब से ही काफी ज्यादा  उत्सुकता थी. राकेश ओमप्रकाश मेहरा मेरे सबसे प्रिय डायरेक्टर में...

जयमाला : गुलज़ार साहब के साथ कुछ लम्हें -१०

आज की ये ख़ास पोस्ट है, गुलज़ार साहब के जन्मदिन के मौके पर. सोचा तो था आज कुछ अपनी बात कहूँगा, कुछ गुलज़ार साहब...

पंचम दा के कुछ अनरिलीजड गाने

कुछ पंचम दा के अनरिलीज गाने हैं, जिन्हें आज अपने ब्लॉग पर लगा रहा हूँ. सबसे पहला गाना जो लगा रहा हूँ वो है...

मोरा गोरा रंग लई ले – मेकिंग ऑफ़ अ सोंग(३)

आज गुलज़ार साहब का जन्मदिन है, तो सोचा उनके पहले गाने की मेकिंग यहाँ आप सब के साथ साझा करूँ. मेकिंग ऑफ़ अ सोंग...

फेरारी की सवारी : ताजगी से भरी हुई एक फिल्म

मैं तो ये मानता हूँ की फ़िल्में बिना किसी पूर्वाग्रह के देखनी चाहिए.कुछ लोगों की ये आदत होती है की वो पहले ही असम्प्शन कर...

द फास्ट एंड द फ्युरिअस

पिछले पोस्ट में मैंने तीन कार-थीम फिल्मों का जिक्र किया था और कहा था की अगले पोस्ट में और भी अपने पसंदीदा फिल्मों का...

गॉन इन सिक्सटी सेकण्ड

कारों के बारे में जानकारी इकठ्ठा करने का फितूर हमेशा से मुझे रहा है.कभी कभी तो ऐसा भी पागलपन किया है मैंने की जिसे...

मेकिंग ऑफ अ सॉंग(२) – गुलज़ार

अचानक से आज बैंगलोर की एक खूबसूरत शाम याद आ गयी.अपने बेहद करीबी दोस्त के साथ गरुड़ा मॉल के सी.सी.डी में बैठा हुआ था.बड़ी...