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एक ऐड्वर्टाइज़्मन्ट जिसनें दिलों पर तबाही मचा रखी है

भूला फ़साना कोई, गुज़रा ज़माना कोई..

1975 के पटना बाढ़ पर लिखी फणीश्वरनाथ रेणु की दिलचस्प रिपोर्टिंग

एक कीड़े ने पुराना समय याद दिलाया।

एयरकंडीशनर हमसे हमारा मौसम छीन रहा है

खुद से बातें करते लोग भी अजीब होते हैं

कैसे भूलोगे मेरा नाम - यूफोरिया, एक ऐसा बैंड जो कभी धुम मचाता था

याद कर लेना कभी हमको भी भूले भटके

तेईस मार्च को : भगत सिंह पर लिखी गयी कुछ कवितायें

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