भैया एक लाईक का ही तो सवाल है



मुझे पिछले कुछ दिनों से हर रोज़ डांटा जा रहा है, की अपने ब्लॉग को अपडेट करूँ. लेकिन मैं लिखूं क्या ये सूझ नहीं रहा था.मुझे कहा गया था की “कुछ अच्छा समझ नहीं आ रहा है तो बुरा ही लिख दो….लेकिन लिखो ज़रूर कुछ” तो उसी बात को ध्यान में रख कर आज इधर का रुख किया है…वैसे, आज यहाँ मुझे कुछ पोस्ट करना जरूरी भी था.ब्लॉगर का डैशबोर्ड खोल कर सोच रहा था की क्या लिखूं यहाँ? कुछ पुराने ड्राफ्ट्स पर नज़र गयी…बहुत सी बातें आधी अधूरी वहां पड़ी हुई हैं…अभी लेकिन उन्हें कम्प्लीट करने की ईच्छा नहीं है.ड्राफ्ट्स में ही एक मजेदार पोस्ट पर नज़र गयी…जिसमे मैंने फेसबुक पर आये कुछ वाल पोस्ट्स, अपने कुछ पसंदीदा स्टेट्स , कुछ स्वीट से कमेंट्स मैंने सहेज कर रखे थे…तो बस उसी ड्राफ्ट का एक टुकड़ा यहाँ पोस्ट कर रहा हूँ जो मेरी बहन निमिषा से संबंधित है.

दरअसल फेसबुक पर मुझे सबसे क्यूट और स्वीट जो कमेंट्स/वाल पोस्ट/मेसेज आते हैं वो होते हैं मेरी बहन निमिषा के…अक्सर फेसबुक पर आये उसके मेसेज को पढ़कर मैं बहुत हँसता हूँ, खुश होता हूँ और बहुत प्यार भी आता है निमिषा पर….उसके फेसबुक के मेसेज, खासकर जो मुझे भेजती है, बड़े मजेदार से होते हैं…जैसे एक दफे मेरे जन्मदिन पर उसने मुझे ये मेसेज पोस्ट किया था…
“haPPy birthDaY … bhaiyaaaaaa… 😉 acche se ghoomna kal din bhar…. aur darna nai fua nai dategi ….akhir tmhara birthday hai .. ghoom skte ho…ice cream khaa lena….theek na bhaiyaaaaaa….samjheeyy 😛 “
इसे पढ़ते ही चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान आ गयी थी….ये तो निमिषा का प्यारा सा मेसेज था, जो उसने भेजा था…लेकिन वो कभी कभी मेरे से गुस्सा हो जाती थी तो फेसबुक पर ही अपनी नाराजगी भी दिखा देती थी…जैसे इस वाल पोस्ट को देखिये
“gande bhaiyaaaa :/ “
जब तक इस बात का मैं कोई जवाब दे पाता, मोना ने निमिषा के इस मेसेज पर कमेन्ट किया, निमिषा का साथ देते हुए कहा –
“.itni saari acchi behnon ka ganda bhaiya…….”
ठीक इसी तरह, इस वाल पोस्ट के थोड़े दिन बाद ही, उसका फिर से एक मेसेज आया था, मेरे वाल पर –
gande gande gande gande bahut bade wale gande bhaiyaaaaaaaaaaaaaaaaa
मैंने जब पूछा निमिषा से, की पब्लिकली इतना प्यार दिखाने की वजह तो बताओ…तो निमिषा ने कहा मेरे से – “tum meraaaa ek bhi photo like nai kie jo hm kal lagaye the….to hm isliye kahe na…”

उसे हमेशा से ये नाराजगी रहती थी की मैं उसके फोटो को लाईक नहीं करता….
निमिषा को शाहरुख़ खान कुछ ज्यादा ही पसंद है…और उसने एक बार एक फोटो लगायी थी फेसबुक पर…शाहरुख़ खान के बड़े से पोस्टर के सामने खड़े होकर….और मैंने उस फोटो पर भी लाईक या कमेन्ट नहीं किया था..इसने मेरे लाईक और कमेन्ट का पुरे दिन इंतजार किया और फिर जब देखा की मैं कमेन्ट नहीं कर रहा हूँ तो अंत में मेरे वाल पर इसने लिखा –
“dekhe ho srk ka ktna accha pic hm lagaye hain vo bhi aryan k sath ka … aur tum ho hi like bhi nahi karte :/ mere gande bhaiyaaaaaaaa”
मैंने इसपर उसे थोड़ा डांट लगाते हुए कहा – “वनस्थली में पढ़ रही हो और अब तक वही सब आदत है…बदमाश लड़की..”
निमिषा मेरी इस बात पर नाराज़ हो गयी…कहने लगी ” tm toh apni behen ko bhool hi gaye bhaiya. , . . tm rhne do bus;( sara din onli9 rhte ho. . . kbi is choti behen k lye bi tym nikal liya karo. .”
मैंने थोड़ा मजाक करते हुए कहा(मजाक करना जरूरी था, वरना ये समझती की मैं इसे डांट रहा हूँ) – “तुम तो एकदम फ़िल्मी डायलोग जैसा कुछ कहने लगी रे…मतलब पहले भी फ़िल्मी डायलोग बोलती थी, अब तो और परफेक्ट होती जा रही हो…”
निमिषा अब कहती है “mera ganda bhaiyaa itna film dekhta hai to hm dialog bhi nhi maar skte kya…..bhaiyaa tmse hi to seekhte hain na….bhaiyaaaaaa”

निमिषा को सबसे ज्यादा आश्चर्य तब होता है, जब वो फेसबुक पर मुझे मेसेज करती है, और ठीक उसी वक़्त मैं उसका जवाब दे देता हूँ…वो आश्चर्य से पूछती है –
kya baat bhaiya tm fir onli9 hogye kya krte rhte ho yaha…. jb dekho tab onli9 han…?? tmko koi kaam n hai kya???akhir tm kr kya rahe the yaha…aj toh tm invisible bhi nai ho tmhra onli9 show kar raha hai? han….?

उससे इस बात पर मैं कभी बहस नहीं करता, नहीं तो वो ऐसे इमोशनल इमोशनल डायलोग मारती है, की मुझसे फिर आगे कुछ कहा नहीं जाता. 🙂

वैसे कभी कभी मेरी किस्मत भी अच्छी होती है, तो थोड़ा परेशान अपनी इस छोटी बहन को भी कर लेता हूँ मैं….जैसे एक दिन निमिषा का एक राज़ मेरे हाथ आ गया, तो इस बार मैंने उसके फेसबुक वाल पर मेसेज किया था —
“बच्ची तुम्हारा पोल खोल दे हम?”
और अब इस मेसेज पर हुई निमिषा और मेरी बातचीत का एक अंश कुछ ऐसे था…

निमिषा – bhaiyaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa
मैं – मतलब, खोल दे न पोल?
निमिषा – bhaiyaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa
मैं – अरे, क्या? बोलो तो?
निमिषा – naaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa…..aur aisa kch hai hi nai ..
मैं – तुम ही न उस दिन इतना बड़ा बड़ा बात कर रही थी?
निमिषा – wo to hm hameshaa hi krte hain…
मैं – अच्छा तो रिपीट करो ज़रा क्या बोली थी तुम?
निमिषा – hah…… paagal samjhe ho hmko
मैं – समझे हैं मतलब? तुम हो नहीं क्या?
निमिषा – bhaiyaaaaaaaa… yahan se jaate hi tmko kya ho jata hai ,,mera kch bhi khyl nai rkhte tm to…
मैं – तुम बदमाशी करोगी ज्यादा?
निमिषा – accha tmhi toh baitha k sikhaye the parso… ki dekho nimisha badmashi aise aise krte hain…
मैं – चुप रहो, केवल बोलना सीख गयी है तुम..
निमिषा – haww….bhaiyaaaaa ;((
मैं – क्या??
निमिषा – hm samajhdar hain …
मैं – तुम रे, ऐसे ऐसे जोक्स फेसबुक पर अब सुनाने लगी हो?
निमिषा – huh…
निमिषा – 🙁
निमिषा – :/
निमिषा – mona di ko btayenge … ruk jao tm

और इसी तरह हम दोनों की उस दिन करीब एक दो घंटे तक बातचीत चलती रही थी….मैं उस शाम थका हुआ और निमिषा से हुई इस बातचीत ने बिलकुल फ्रेश कर दिया था 🙂

राखी के दिन पहले की तस्वीर…निमिषा मेरे
पास बैठी है, मेरे पैर को घुटनों को पकड़ कर कह रही
है…”भैया…तुम्हारे पैर हैं या जन्नत”..और यही बैठे
बैठे ये फेसबुक की ये सारी ज्ञान की बातें मेरे
से कर रही थी…

इस बार जब निमिषा राखी के मौके पर दिल्ली आई थी, तो उसे मेरे से सबसे बड़ी शिकायत ये थी(जो की वो हर बार करती थी मेरे से) की मैं उसके हर अपडेट हर फोटो हर पोस्ट को लाईक नहीं करता और उनपर कमेन्ट नहीं करता हूँ.उसने मेरे से कहा – “पता है भैया, हमें सबसे ज्यादा मज़ा कब आता है फेसबुक पर…जब तुम ऑनलाइन होते हो और बात करते हो….वरना हमको तो पता ही नहीं चलता है की हम फेसबुक पर क्या करे? हम तो भूल ही जाते हैं की हम फेसबुक पर क्या करने आते हैं….लॉग इन करते हैं तो नोटीफिकेसन देख लेते हैं, इधर उधर कर लेते हैं…तुम्हारे प्रोफाइल पर आते हैं और फिर तुम्हारे सारे पोस्ट सारे स्टेट्स को बिना पढ़े लाईक कर देते हैं…और एक दो पर तो कमेन्ट भी कर देते हैं…..फिर अपना प्रोफाइल फोटो कवर फोटो चेंज कर देते हैं और फिर लॉगआउट हो जाते हैं….और पता है, जब दुबारा लॉग इन करते हैं हैं कुछ दिन बाद..बाई द वे कुछ दिन बाद इसलिए की हम हर दिन नहीं लॉग इन करते फेसबुक..हाँ, तो जब दुबारा लॉग इन करते हैं न….तब हमको याद आता है…अरेssssssss हम तो पिछले बार अपना स्टेट्स अपडेट करना ही भूल गए थे….तो तब हम स्टेट्स अपडेट करते हैं…और फिर सोचने लगते हैं अब क्या करे यहाँ…हमको कुछ काम यहाँ समझ नहीं आता…पता नहीं तुम क्या काम करते रहते हो…जब पूछते हैं कहते हो काम कर रहे थे….हम तो बस यहाँ बोर होते रहते हैं फेसबुक पर….मेरा भैया तो लाईक भी नहीं करता न मेरा कुछ भी…हहं…”
निमिषा की ये बात सुन कर मुझे कुछ विशेष टिप्पणी करने का मन होता है, लेकिन फिर वो मेरे से नाराज़ हो कर लड़ने लगेगी और अपने फ़िल्मी डायलोग मारने लगेगी, ये सोच कर मैं चुप ही रहता हूँ…निमिषा कहती है, भैया तुम्हारे फेसबुक पर इतना लोग लाईक कैसे करते हैं…तुम जो लिखते हो गन्दा सा कुछ कुछ जो हमको समझ में नहीं आता, वो उन लोग को समझ आ जाता है या वो लोग भी मेरे तरह बिना पढ़े लाईक कर देते हैं? और तुम? तुम पढ़ते हो सबका उतना लम्बा सा गन्दा सा लिखा हुआ?या तुम भी बिना पढ़े ही लाईक कर देते हो??”
अब निमिषा की इस बात का क्या जवाब देता मैं….चुप ही रहा, उसे समझाया…अरे लड़की…सब पढ़ कर ही लाईक करते हैं, बिना पढ़े कोई लाईक या कमेन्ट नहीं करता…
निमिषा ने उस दिन कहा मेरे से…पता है भैया…हमको न अपने फोटो में बहुत बहुत बहुत लाईक चाहिए, तो हम क्या करेंगे न…की तुमको टैग कर देंगे उस फोटो में…और तुम अपने सारे दोस्त को कहना उस फोटो को लाईक कर देगा….कुछ तो अच्छा लाईक करो भैया…अच्छा जैसे मेरा फोटो..समझे न…

उस शाम फेसबुक से संबंधित ऐसे सवाल इस लड़की के समाप्त ही नहीं हो रहे थे, और मेरे पास इसके किसी सवाल का कोई जवाब नहीं था 🙂

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  2. अभिषेक, आपका और निमिषा का स्नेह अतुल्य है । लिखा भी इतने रोचक तरीके से है कि बीच में छोड ही नही सकी । सच्चे भावों की सच्ची अभिव्यक्ति है ।

  3. बहुत ही प्यारी सी पोस्ट इसे पढ़कर तो हामरे भी चेहरे पर एक बड़ी सी स्माइल आगयी भई …यह रूठना मानना भी बहुत ज़रूरी है। भाई बहन के बीच का यह प्यार सदा बना रहे और यूं ही बढ़ता रहे दोस्त 🙂

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