फोटोग्राफर

मुझे लगता है की अगर आप देखना चाहते हैं की समय के साथ आपमें कितना बदलाव आया है तो आप अपने किसी पुराने पारिवारिक विडियो को देखने बैठ जाईये.बदलते समय को अपने आँखों से देखने का इससे बेहतर जरिया आपको शायद दूसरा कोई नहीं मिले.मैं जब भी भाग-दौड़ से थोड़ा थक सा जाता हूँ, खुद से परेसान हो जाता हूँ तो अक्सर अपने घर के पुराने विडियो देखने बैठ जाता हूँ.मेरे घर के पुराने विडियो टेप्स में अधिकतर मेरे मामा, मौसी या चाचा के शादी के विडियो हैं.उन विडियो टेप्स को देखते हुए मुझे बड़ा सुकून मिलता है, कुछ समय के लिए ही सही मैं अपने बचपन के उन सुनहरे दिनों में पहुँच जाता हूँ.इन विडियोज को देखते हुए जहाँ एक तरफ बहुत सुकून मिलता है वहीँ दूसरी तरफ बड़ी बेचैनी सी भी होने लगती है जब ये सोचता हूँ की वो सुनहरे दिन अब फिर कभी वापस नहीं आने वाले.

घर में हुई शादियों का सबसे पहला विडियो जो मेरे पास है वो है मेरी मौसी के शादी का विडियो.उनकी शादी 1996 में हुई थी, और घर में हुई आखिरी शादी का जो विडियो मेरे पास है वो है मेरी बहन की शादी का विडियो(साल 2011).इन पंद्रह सालों में हमारे परिवार में कई शादीयाँ हुई हैं, और जब भी मैं सभी शादियों के विडियो को एक के बाद एक देखने बैठता हूँ, तो मुझे लगता है की साल दर साल समय कैसे बदलते गया है, हम बच्चे कैसे बड़े होते गए हैं ये मैं अपने परिवार के अलग अलग शादी के विडियो में देख सकता हूँ.खुद को अलग अलग सालों में अलग अलग उम्रों में देखना और लगभग हर विडियो में अपने कुछ नायब हरकतें और बचपना देखने में बड़ा सुख मिलता है.विडियो देखते वक़्त खुद पर बेहद गुस्सा भी आता है, की क्यों हम अपने अन्दर के उस बचपने को मार देते हैं और एक गंभीर और समझदार इन्सान का लबादा ओढ़े घूमते रहते हैं.ये विडियो टेप्स एक तरह से हमारे भोले भाले और मासूम से बचपन के गवाह हैं.

आज उन विडियो टेप्स को देखते हुए मुझे याद आया की शादियों में अक्सर फोटोग्राफी का काम मुझे ही सौंपा जाता था.और फोटो ठीक ढंग से आये इसलिए मैं हमेशा विडियोग्राफर के बगल में ही खड़ा रहता था..ताकि ‘लाईट’ का सही ढंग से इस्तेमाल कर सकूँ.सिर्फ यही एक वजह है की घर के अधिकतर शादी के विडियो में मैं बहुत ही कम जगह नज़र आता हूँ…अरे भाई, उन दिनों फोटोग्राफी एक बड़ी रिस्पान्सबिलिटी भी तो थी, आज के ज़माने जैसे लोगों के पास मोबाईल पे फोटो लेने की सुविधा नहीं थी और कैमरे से खीची तस्वीरों का महत्त्व बहुत ज्यादा था…इसलिए विडियो में नज़र आने से ज्यादा जरूरी था फोटो खींचना.मुझे अपने कैमरा से बड़ा प्यार था.मेरा कैमरा पुराने डिजाईन वाला प्रिमिअर का कैमरा था..बहुत ही ईजी टू यूज और गज़ब की फोटो आती थी…आज अपने मामा की शादी का विडियो दुबारा देख रहा था तो ख्याल आया, की विडियो में बहुत से ऐसे ख़ास पल थे जो कैमरे में कैद नहीं हुए थे…मैंने उन सब पलों को एज स्क्रीनशोट उनकी तस्वीरें निकाल लीं..उन्ही तस्वीरों में से कुछ तस्वीरें मेरी भी हैं जिसमे मैं अपने कैमरे के साथ नज़र आया हूँ…….देखिये वो तस्वीरें…

नहीं ये स्टाईल नहीं है, बस अच्छा फोटो आ
जाए उसी की कोशिश में हैं हम  🙂 साथ में है मेरा दोस्त

बंटी मामा के साथ डिस्कस करते हुए, फोटो किस एंगल से लेना
सही होगा 

अच्छा, उस एंगल से फोटो अच्छा आएगा 

बहुत मेहनत का काम है अच्छा फोटो लेना 

कभी कभी फोटोग्राफर को भी ‘चिल’ करने का टाईम मिल जाता है..
साथ में है मेरे भैया 

नहीं नहीं, ये पुराना वाला कैमरा नहीं है मेरा…ये नया
कैमरा है..ऑटोमैटिक वाला..रील आगे बढ़ाने का जरुरत नहीं है  🙂

एक विडियो क्लिप देखिये, मेरे मंझले मामा की शादी जो 1997 में हुई थी, उन्ही के रिसेप्सन सेरमोनी की शाम कुछ पल के लिए जब कैमरे ने मेरा पीछा किया था…

पोस्ट का शीर्षक फोटोग्राफर थोड़ा फ्रस्ट्रेशन में लिखा गया है, क्यूंकि मुझे बहुत देर तक कोई दूसरा अच्छा शीर्षक नहीं सुझा 🙂

[कुछ पुरानी यादों के नशे में – पार्ट १८ ]

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  1. हमको तो बहुत दुःख भी होता है पुराना सादी का वीडियो देखते हुए.. बहुत सा लोग ऐसा भी दिख जाते हैं जो अब हमारे बीच नहीं हैं.. मगर एक बात देखकर बहुत हँसी आता है कि लोग का चेहरा कैसे बदलता जाता है..
    दिल से लिखा हुआ पोस्ट, शीर्षक में क्या रखा है.. हम तो एक पोस्ट का शीर्षक ही 'बिना शीर्षक' रख दिए थे..

    • बिलकुल चचा…वही बात हम अपने दोस्त से भी कह रहे थे…कल ही दोपहर में..की पुराना शादी का विडियो देखते हुए कितने ऐसे चेहरे दिख जाते हैं जो हमारे बीच नहीं हैं अब….:(

  2. मेरे दोनों भैया की शादी के एल्बम में से अगर ढूँढा जाए तो शायद हो सकता है झाड-पोंछ कर मेरी ६-७ फोटो निकल आये.. सच में फोटो लेना बहुत ज़िम्मेदारी का काम हुआ करता था उन दोनों…अब तो डिजिटल ज़माना है…

  3. हा हा हा …:)आपका यह शादी वाला वीडियो देखकर बहुत सी पुरानी यादें ताज़ा हो गयी मेरी भी, तब कैसा अजीब सा react किया करते थे ने सभी लोग फोटोग्राफर का कमेरा देखते ही झेंप से जाते थे :)बढ़िया पोस्ट और मस्त वीडियो है

  4. सच बताओ वीडियो कैमरा पहली बार देखे थे न … और तुम को लगा उस मे से गोली निकाल कर तुम को अपसाइड डाउन कर देगा … बोलो बोलो शरमाओ नहीं … सच कहो वत्स … 😉

  5. पुरानी फोटो देख कर लगता है कि पहले कैसे पागल दिखते थे…..
    फिर ६० के बाद लगेगा कि पहले की बात और थी अब तो बुढा गए हैं 🙂
    अपना भी शौक है कैमरे से खेलना…
    अब तो खैर बड़ा आसान है …
    शीर्षक से फ्रस्टेशन नहीं पता लगी….मगर आखरी पंक्ति से झलकी…
    🙂

    अनु

  6. बाकि जो भी बदलाव आया हो पर तुम्हारे गालों में रसगुल्ले तो हैं ही:) :)वैसे सच्ची बड़ा फनी होता है पुराने वीडियो देखना :):).

  7. मेरी बुआ की शादी ८४ में हुआ था तब का विडिओ हमारे पास है आज हम सब उसे देखते है तो वो शादी का वीडियो कम हमारे परिवार पर बनी कोई कॉमेडी फिल्म ज्यादा लगती है आज बूढ़े हो चुके लोग तब जवान थे ज्यादातर के सर पे बाल थे जो अब गायब है और हम सब छोटे छोटे बच्चे और उनकी कैमरा देखते ही मूर्ति की तरह खड़े हो जाने की आदत और लोगों के कपडे और फैशन देख कर तो हँस हँस कर लोट पोट हुए जाते है | करीब दो साल पहले मेरी बेटी मेरी शादी का वीडियो देख कर खूब रोने लगी बोली की मै कहा हूं तुम लोग मुझे पता नहीं कहा छोड़ कर शादी में मजे कर रहे थे, जब समझाने पर नहीं मानी तो अपनी छोटी भतीजी को दिखा दिया ये तुम हो वो मान गई , करीब दो तीन महीने पहले मेरे पास आई और कहती है की मम्मी तुम झूठ बोलती हो मेरी फ्रेंड ने बताया है की कोई भी अपनी मम्मी पापा की शादी में नहीं होता है :))) अब लो !
    एक बात सभी के वीडियो में सामान्य होता है वो आप में भी है कितने दुबले थे पहले 🙂

  8. बेटा तुम तो ही फ्रस्टेटेड आदमी. ब्लॉग भी फ्रस्टिया कर लिखते हो, अब तो शीर्षक भी.
    जाओ वत्स, गाना सुनो..

    "फ्रस्टियाओ नहीं मूरा,
    नरभसाओ नहीं मूरा"

  9. ज्यादातर हंसी ही आती है, पुराने वीडियो देखकर
    पर मजा भी बहुत आता है, खासकर अगर उनलोगों के साथ वीडियो देखी जाए जो उनमे भी हों 🙂

  10. pahle ki video dekhne me ek alag maja hai, par ye video wale kitni jayda mixing kar ke dete the, pure saadi me chehra kam aur gaane jayda sunai ko milte the…
    waise Still photo ka jabab nahi… purane b/w photos abhi bhi sabse behtareen lagte hain..
    aur haan tum jam rahe guru:))

  11. Bilkul sahi kaha hai bhai… purani photos… purane videos… diary ke purane panne… jane kitni beeti batein yaad dila deti hai… comparison karte hain jab us din se aaj ka… to lagta hai kitna lamba safar tay kar aaye hain… magar wo yaadein zehan mein ab bhi bilkul waisi hi taaza hain… bahut accha laga padhkar 🙂 Likhte rahiye …

  12. mere bhai ki shadi jo ki 1990 mein hui thi us time ki shadi ki video cassate khrab ho gyi hai or jahan bhi uski cd bnvane ke liye dete hai wo boltey hai ki chalti hi nahi hai vcr mein kya koi usey theek karney ka tarika hai … please help me

  13. दर्द के साथ कोई याद पूरानी नहीं रखती
    अपने ज़हन में फिर कोई कहानी नहीं रखती

    बीते हुए फ़साने को भुला चुकी हूँ कबसे
    अब किताब में ख़त कोई पुराने नहीं रखती

    अपने अहसानों का खज़ाना ना लुटा मुझ पर
    मैं खुद पर किसी की मेहरबानी नहीं रखती

    बह जाता है काजल आंसू के साथ
    इन आँखों में अब कोई पानी नहीं रखती

    जाते जाते तुम अपनी सारी यादें भी ले जाना
    "पूजा" जाने वालों की कोई निशानी नहीं रखती

  14. to me
    माँ की याद कभी दिल से भुलाई नही जाती बचपन की याद तो कुछ खास रही मेरे लिये मै अक्कसर अपने बचपन के दिनो को याद करता था जब माँ मुझे नहलाती थी जब खाना खिलाती थी और जब मारती थी मारने के बाद जो प्यार करती थी आज भी याद अते ही आख से आशु गुरने लगते हैँ सच मेँ कितना प्यार किया करती थी माँ मुझे मैँ आज समझा बचपन की याद-याद आते ही रहती हैँ अक्कसर मै जब भी बच्चो को देखता हूँ तो मुझे अपने धुधला-धुधला बचपन याद आ जाता हैँ और मै रोने लगता हूँ याद करके क्योकी अब वो दिन दोबारा आ नही सकते शायद मैने अपने माँ को बहुत सताया होगा जिसका आज मुझे दुख हैँ और मै बहुत बहुत रोता हूँ यादो मेँ सोचता हूँ की माँ की ममता माँ के प्यार का मै कैसे कज्र चुकाउगा और कैसे अपने आप को मै माफ कर पाउगा ये सोचता हूँ धुधली याद गोस्वामी जी के साथ बचपन का सफर आगे पूरी कहानी पडी हैँ तब तक के लिये धन्यबाद

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