Home 2011 October

Monthly Archives: October 2011

संयोग या मास्टरप्लान

(मेरे डायरी से, 4 अक्टूबर को लिखा गया था, आज पोस्ट कर रहा हूँ)आप चाहे कितना भी ना मानने का इरादा कर लें, लेकिन...

कभी खामोश बैठोगे कभी कुछ गुनगुनाओगे

जगजीत सिंह जी के कुछ ऐसे गज़ल हैं जो मेरे दिल के काफी करीब हैं, जिनसे बहुत सी बातें, यादें जुड़ी हुई हैं.उन्ही कुछ...

जाने वो कौन सा देश जहाँ तुम चले गये

कुछ पुरानी यादें - जगजीत सिंह और मैं..सुबह कुछ काम से मैं बाहर निकला था.दो तीन घंटे में काम खत्म कर वापस आया.जैसे ही...

दुर्गानवमी का पर्व और एक व्यस्त सा दिन

कभी कभी कुछ ऐसा हो जाता है जो हमें पहले से आभास करा देता है कि आने वाला दिन कैसा बीतेगा. परसों का दिन...