२६ जुलाई – विजय दिवस

ऐतिहासिक जीत..अविस्मरणीय पल  

प्रभात और मती के अलावा और किसी भी दोस्त का उन दिनों घर पे आना नहीं होता था.२६ जुलाई को जब कारगिल युद्ध में अपनी जीत पूरी हुई तो प्रभात ने उस शाम बड़ी अच्छी एक बात कही- “अभिषेक देखो तुम्हारे बर्थडे पे तुमको कितना अच्छा गिफ्ट मिला,कारगिल विक्टरी.सच में इससे अच्छा कोई तोहफा क्या हो सकता है.२३ जुलाई मेरा जन्मदिन है और इसी दिन हमने पाकिस्तानी सेनाओं पे कारगिल में जीत दर्ज की थी.उस साल सही में ये जीत मेरे जन्मदिन का सबसे खूबसूरत तोहफा था.

दो महीने से भी ज्यादा चले कारगिल की लड़ाई में कुल 527 भारतीय सैनिक मारे गए और लगभग 1363 घायल हुए.कई भारतीय सैनिकों को उनकी बहादुरी के लिए पुरुस्कृत भी किया गया.ग्रेनडीर योगेन्द्र सिंह यादव और संजय कुमार को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया.कैप्टन विक्रम बत्रा और लेफ़्टिनेंट मनोज कुमार पाण्डेय को मरणोपरान्त परमवीर चक्र मिला.मेजर राजेन्द्र सिंह अधिकारी, कैप्टन अनुज नय्यर, स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा को मरणोपरान्त महावीर चक्र से सम्मानित किया गया.जिस तरह से युद्ध के विडियो और ख़बरें इलेक्ट्रोनिक मिडिया और प्रिंट मिडिया में आ रहीं थी, कई नौजवान को इन ख़बरों से सेना में भर्ती होने की प्रेरणा मिल रही थी.कई ऐसे भी थे जो अपने सेफ कैरिअर को छोड़ के सेना में भर्ती होने आये थे.पूरा देश इस युद्ध के समय लगभग एक हो गया था.कारगिल विजय एक बहुत बड़ी जीत थी.यह युद्ध दुनिया के युद्ध इतिहास में भी काफी महत्वपूर्ण है, क्यूंकि शायद ही इससे पहले कभी इतनी ऊँचाई पे और ऐसी परिस्तिथियाँ में लड़ाई लड़ी गयी हों.निश्चित ही २६ जुलाई, कारगिल विजय दिवस हम सब के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन में से एक है.

हर के भारतीय को विजय दिवस पर कारगिल में शहीद हुए भारतीय सैनिक को याद करना चाहिए.२६ जुलाई हर भारतीय के लिए विजय का दिन है.

कारगिल युद्ध से सम्बंधित कुछ विडियो देखिये –

कारगिल के हीरो – १

कारगिल के हीरो – २

कारगिल के हीरो – ३

मेजर विशाल थापा –

कैप्टन विजयंत थापा – 

कैप्टन विक्रम बत्रा –

कैप्टन बत्रा के कुछ कोट्स, जो काफी मशहूर भी हुए और जिन्हें एक फिल्म “LOC-kargil” में इस्तेमाल भी किया गया..इस फिल्म में कैप्टन बत्रा का किरदार अभिषेक बच्चन ने निभाया था.
(कोट्स,विकिपीडिया से लिए गए हैं)
*ये दिल मांगे मोर
* या तो तिरंगा लहरा के आऊंगा, या फिर तिरंगे में लिपटा हुआ आऊंगा.लेकिन आऊंगा.
*विक्रम बत्रा को साथी सिपाही “शेरशाह” कह के बुलाते थे.पॉइंट 5140 पर पहुँचने के बाद जब दुश्मनों के एक कमांडर ने पूछा उनसे “Why have you come Sher Shah..You will not go back.”. विक्रम बत्रा ने जवाब में कहा ” “We shall see within one hour, who remains on the top.”
*लेफ़्टिनेंट नवीन जो काफी घायल थे, उन्हें पीछे खींचते हुए विक्रम बत्रा ने कहा “तू बाल-बच्चेदार है, हट जा पीछे”
*पाकिस्तान के तरफ से जब किसी कमांडर ने कहा “हम काश्मीर छोड़ देंगे, अगर तुम हमें माधुरी दीक्षित दे दो”..विक्रम बत्रा ने जवाब में कहा “”Sorry, Madhuri is busy!”, फिर उन्होंने एटैक किया और कहा ” ” From Madhuri, With love”.
सभी शहीदों को श्रद्धांजलि !!

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  1. शहीदों को नमन करती हूँ मगर मै इसे विजय दिवस नही कहती किसी की लापरवाही अव्यवस्था, घटिया सामग्र्री के चलते कितनी मौतें हुयी हैं अगर खुफिया तन्त्र नाकाम न होता तो हमे इतने वीरों से हाथ न धोना पडता। अपनी गल्तियों को छुपाने के लिये सियासी लोगों ने विजय अभियान का नकाब ओढ लिया। इससे बडी त्रास्दी और क्या हो सकती है? इतनी भारी क्षति पर विजय अभियान? मन क्षोभ्ह से भर उठता है।
    आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें।

  2. अभिषेक जी,

    आरज़ू चाँद सी निखर जाए,
    जिंदगी रौशनी से भर जाए,
    बारिशें हों वहाँ पे खुशियों की,
    जिस तरफ आपकी नज़र जाए।
    जन्‍मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!
    ——
    चोंच में आकाश समा लेने की जिद..
    इब्‍ने सफी के मायाजाल से कोई नहीं बच पाया।

  3. sundar

    लिकं हैhttp://bachpan ke din-vishy.blogspot.com/
    अगर आपको bachpan ke din-vishy का यह प्रयास पसंद आया हो, तो कृपया फॉलोअर बन कर हमारा उत्साह अवश्य बढ़ाएँ।

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