Monthly Archives: May 2011

अनसुलझा सा कुछ

दिन के बारह बज चुके हैं और आसमान जैसे ये फैसला नहीं कर पा रहा है की आज धुप के दर्शन होंगे या बादलों...

कुछ पुरानी यादों के नशे में (पार्ट १३ )

सुधा मौसी(बड़ी मौसी),मेरी माँ,गीता मौसी(छोटी मौसी)इस दफे जब मैं पटना आ रहा था तो रस्ते में ही मुझे ये खबर मिली की मेरी बड़ी...