ज्ञान एक बोझ है.. – श्री रविशंकर की कुछ पंक्तियाँ

पिछले पोस्ट में आपने पढ़ा था इच्छाओं के बारे में. इस पोस्ट में श्री श्री रवि शंकर की कुछ पंक्तियाँ देख लीजिए.
अगर आपने पिछला पोस्ट नहीं पढ़ा तो पढ़ लीजिए – इच्छाओं का खेल 

(१)

ज्ञान एक बोझ है ,
                यदि यह तुम्हारा भोलापन ले ले..
ज्ञान एक बोझ है,
                यदि यह तुम्हे विशेष होने का अहसास दिलाये..
ज्ञान एक बोझ है,
                यदि यह तुम्हे महसूस कराये की तुम ज्ञानी हो..
ज्ञान एक बोझ है,
                यदि यह जीवन में संकलित न हो..
ज्ञान एक बोझ है,
                यदि यह जीवन में प्रसन्नता न लाये.

(२)

स्वयं में इश्वर को देखना ध्यान है,
दूसरों में इश्वर को देखना प्रेम है,
सर्वत्र इश्वर को देखना ज्ञान है.
प्रेम की अभिव्यक्ति है सुख,
आनंद की अभिव्यक्ति है मुस्कान,
शान्ति की अभिव्यक्ति है ध्यान,
इश्वर की अभिव्यक्ति है सचेत कार्य

(३)

ज्ञान बिना जीवन अधूरा है,
जो ज्ञान भाव न लाये वो ज्ञान अधूरा है,
जो भाव क्रिया में प्रस्तुत न हो, वो भाव अधूरा है,
जो क्रिया तृप्ति न लाये, वो क्रिया अधूरा है,
तृप्ति है आत्म-स्थिर होना.

(४)

प्रेम जब चमकता है, यह सचिदानन्द है,
प्रेम जब बहता है, यह अनुकम्पा है,
प्रेम जब उफनता है, यह क्रोध है,
प्रेम जब सुलगता है, यह ईर्ष्या है,
प्रेम जब नकारता है, यह घृणा है,
प्रेम जब सक्रिय है, सम्पूर्ण है,
प्रेम जब ज्ञान है, यह “मैं” हूँ.

(५)

अमर है वो प्रेम जो तिरस्कार सहन करे
                  वो प्रेम अहं और क्रोध से मुक्त होगा.
अमर है वो प्रतिबद्धता जो अपमान सहन करे
                  वो केंद्रित है और लक्ष्य तक पहुंचेगी.
अमर है वो ज्ञान जो बड़ी से बड़ी उथल पुथल सहन करे
                  वो जीवन में संकलित होगा.
अमर है वो निष्ठा, जो संदेह की हजारों परिस्थितियां सहन करे
                  वो जीवन में सिद्धियाँ लाएगी.
अमर है वो घटनाएं, जो समय को सहन करे,
                  वो लाखो के जीवन का सिद्धांत बनेगीं.

उस किताब की सारी बातें बहुत अच्छी लगी थी मुझे. मैंने ये किताब अपने एक दोस्त के पास पायी थी. किताब का नाम भी मैं भूल चूका हूँ. कुछ ही दिन में किताब का नाम पता कर खरीदने की कोशिश करता हूँ, तब शायद एक दो बातें और कह सकूँ.

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  1. स्वयं में इश्वर को देखना ध्यान है,
    दूसरों में इश्वर को देखना प्रेम है,
    सर्वत्र इश्वर को देखना ज्ञान है. ..

    हर शब्द में ज्ञान छिपा है …. बहुत ही अच्छी बातें हैं … बहुत बहुत शुक्रिया इनको बांटने का ….

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