….और ये रही सेंचुरी पोस्ट 😉

आज सोचा था की दोस्तों वाली श्रृंखला को आगे बढ़ाऊंगा, लेकिन यकायक नज़र गयी पोस्ट के आंकड़े पे, तो पाया की कुल ११२ पोस्ट हैं जिनमे ९९ पोस्ट प्रकाशित हो चुके हैं, यानी की ये वाली पोस्ट मेरी शतकीय पोस्ट होगी ;). वैसे होने को तो बहुत पहले ये सेंचुरी पूरी हो जाती, लेकिन मैंने अपने शुरू के ८-९ पोस्ट्स को हटा दिया था, कुछ कारण थे उन्हें हटाने के..वो पोस्ट अब मेरे व्यग्तिगत ब्लॉग पे है, जहाँ बस २-३ रीडर हैं. वैसे तो ब्लॉग से मेरी जान पहचान बहुत पुराणी है, मैंने अपना पहला ब्लॉग बनाया था साल २००३ में..रेडिफ डॉट कॉम पे जिसके बारे में आप यहाँ पढ़ चुके हैं…ये वाला ब्लॉग(मेरी बातें) मैंने आज से तीन साल पहले, साल २००७ में बनाया था..मुझे सक्रिय रूप से ब्लॉग्गिंग में लाने का पूरा का पूरा श्रेय जाता है प्रशांत प्रियदर्शी को. ब्लॉग जगत में सक्रिय होने के पहले से ही मेरी और प्रशांत की दोस्ती है.मुझे पहले मालूम नहीं था की प्रशांत ब्लॉग लिखता है,  एक दिन ऐसे ही इसका ऑरकुट प्रोफाइल देखा तो पाया की ये जनाब भी ब्लॉग लिखते हैं..जब क्लिक किया तो पाया की इसने ब्लॉग हिंदी में लिखा है..और हम जैसे लोगों की सहायता के लिए इसके ऑरकुट प्रोफाइल में एक लिंक भी डाल रखा था की हिंदी में कैसे टाइप करे. उस समय ये गूगल का हिंदी ट्रांसलेट टूल नहीं था शायद. फिर क्या था, हम भी शुरू हो गए और २-३ पोस्ट ब्लॉग पे चिपका भी दिए..उस समय ज्यादातर अपने ब्लॉग के लिंक अपने दोस्तों को ऑरकुट स्क्रैप के जरिये भेजता था, दोस्त भी बड़े अचरज भरे निगाह से देखते थे की भई ये क्या चीज़ है..और सराहना भी करते थे..धीरे  धीरे कुछ कामों में बेवजह का व्यस्त होता चला गया, एम्.बी.ए ज्वाइन कर लिया, और फिर लिखने का वैसा मन भी नहीं किया..लिखता तो था लेकिन अपने पर्सनल डायरी में. हाँ कभी कभी प्रशांत का ब्लॉग पढ़ लेता था..लेकिन उससे ज्यादा कभी अन्य ब्लोग्स में ताक-झाँक नहीं की…धीरे धीरे प्रशांत से भी बात कम होने लगी, बस कभी कभी हाल चाल ले लिया करता था, इन सब बातों का कारण ये रहा की साल २००८ बेहद खराब रहा मेरे लिए..तो ज्यादा किसी से बातें करने का दिल भी नहीं करता था, बस अपने में ही रहता था.

फिर पिछले साल दिसंबर के लगभग फिर से मैंने ब्लॉग पढ़ना शुरू किया, अब ब्लॉग जगत में तो मैं किसी को जानता तो था नहीं, हालांकि मेरे ब्लॉग एहसास प्यार का के शुरू के कुछ पोस्ट पे बहुत से ब्लॉगर ने टिप्पणियां  दी थीं, लेकिन कभी उनके ब्लॉग पे जाना हुआ नहीं..और अगर कभी गया भी हूँगा तो बस युहीं देखने के लिए की कैसा ब्लॉग है..कभी पढ़ने का वैसा दिल नहीं किया…जब शुरू किया ब्लॉग पढ़ना दुबारा तो फिर वही प्रशांत के ब्लॉग “मेरी छोटी सी दुनिया ” से पढ़ना शुरू किया..जितना मुझे याद है, इस पोस्ट से मैंने ब्लॉग पढ़ना शुरू किया था..काफी दिनों के बाद ब्लॉग पढ़ रहा था और पढते पढते मुझे ऐसा लग रहा था की जैसे ये प्रशांत एक बहुत बड़ा बड़ा राईटर बन चूका  है 🙂 , इसकी लिखाई इस कदर अच्छी लगने लगी थी मुझे.मैंने प्रशांत के ब्लॉग को पढ़ने का सिलसिला जारी रखा, एक दिन युही उसके कोई पोस्ट के कमेंट्स पे नज़र गयी तो देखा की शिखा दी(शिखा वार्ष्णेय) की टिपण्णी है, अब नाम थोड़ा जाना पहचाना सा लगा(मेरी दोस्त का नाम भी शिखा है), तो प्रोफाइल देखने का दिल किया…उनके प्रोफाइल से लिंक मिला उनके ब्लॉग का(स्पंदन), स्पंदन, नाम ही इतना खूबसूरत लगा तो दिल किया की ब्लॉग पढ़ लूँ :), उस समय शिखा दी ने ये पोस्ट लिखा था,जिसपे मैंने कमेन्ट भी किया…अब शिखा दी भी बड़ी जिम्मेदार ब्लॉगर निकली, उन्होंने झट से मेरे ब्लॉग पे एक कमेन्ट किया,इस पोस्ट पे ..इस साल का मेरा सबसे पहला पोस्ट था ये. पहली बार दोस्तों के अलावा किसी और का कमेन्ट देख दिल बहुत खुश हुआ , मैंने तय किया की अब से नियमित ब्लॉग लिखूंगा और पढूंगा भी..फिर तो क्या था, लिंक्स मिलते चले गए, और दोस्त इस ब्लॉग जगत में बनते चले गए 🙂

मेरे कुछ दोस्त हैं, जो मेरे इस ब्लॉग को झेलने का बहुत मुश्किल काम कर रहे हैं, और लगातार मन लगा कर ये काम कर रहे हैं, वो हैं, – दिव्या, शिखा,मेघना, निधि, वरुण, रौशनी, शेखर, अनिल, विशाल, मनीष सर,प्रीती दीदी,श्रेया, प्रिया ,तृप्ति, रुचिका, निशा, प्रीती, वरुण, मनीष सर, निशा, रिया. इन सब दोस्तों में खास कर के वरुण और रौशनी मेरे सबसे डेडीकेटिड रीडर्स हैं. जब मेरे ब्लॉग के बारे में किसी को पता नहीं था तब ये दोनों नियमित रूप से मेरा ब्लॉग पढ़ते थे. जब भी मैं कोई पोस्ट लिखता था और वरुण को कहता, की भाई ज़रा पढ़ना तो कैसा लिखा है..वरुण कहता, अरे भैया मैंने पढ़ लिया आपका लिखा हुआ..आपके बोलने से पहले ही. 🙂 रौशनी की भी यही कहानी है, बेचारी वो भी मेरे लिखे हुए ब्लोग्स को खूब पढ़ती है, और झूठी तारीफें भी खूब करती है..;) रुचिका के कमेंट्स मुझे जब भी मिलते हैं, चेहरे पे एक मुस्कान सी आ जाती है, उसके जैसी ही नटखट और प्यारी सी कमेन्ट रहती है उसकी.. :)रुचिका के वैसे तो ज्यादा कमेंट्स नहीं हैं मेरे ब्लॉग पे…कुछ ९-१० पोस्ट पे ही उसने कमेंट्स किये होंगे लेकिन उसके कुछ कमेंट्स जो मुझे बड़े क्यूट लगते हैं उनसे से एक हैं  ये और ये. रुचिका के अलावा शिखा और दिव्या के भी कमेंट्स बड़े प्यारे होते हैं, लेकिन शिकायत ये है इन दोनों से की कमेंट्स के साथ साथ कुछ और indirect meaning छुपा होता है इनके बातों में, जो मुझे पता चल जाता है, बाकियों को नहीं चल पाता 😛 . मेरे ब्लॉग को घर में लगातार पढ़ा जाता है, पापा और मम्मी, दोनों पढ़ते हैं..मम्मी के कुछ कमेंट्स मुझे फोन पे मिल जाया करते हैं…:) 

कहते हैं की हर जगह कोई न कोई गैंग बन ही जाता है, चाहे वो दोस्तों का ही गैंग क्यों न हो…तो फिर ऐसा हो सकता है क्या की हमारी कोई गैंग न हो इस ब्लॉग जगत में……है, हमारी भी गैंग है…प्रशांत, स्तुति और पंकज की…ये अलग बात है की इनसे दोस्ती ब्लॉग-फ्रेंडशिप नहीं, असली फ्रेंडशिप है 🙂 .. प्रशांत की तारीफ़ तो पहले भी कर ही चूका हूँ, और नहीं करूँगा…नहीं तो ये सर पे चढ़ के नाचेगा ;).. पंकज की जिस पहली पोस्ट पे अपनी नज़र गयी थी वो ये पोस्ट थी..और स्तुति मैडम का ब्लॉग तो शुरू से ही पढ़ते आ रहा हूँ 🙂 .पंकज के ब्लॉग का पहला पोस्ट जब पढ़ा तो लगा की लड़का अच्छा लिखता है, लेकिन धीरे धीरे अच्छा से बहुत अच्छा और बहुत अच्छा से जबरदस्त जैसे शब्द निकलने लगे उसके लिखे पोस्ट्स पर 🙂


मैं कोई लेखक तो हूँ नहीं, लेकिन फिर भी आप लोगों द्वारा टिप्पणियों में जो भी प्रोत्साहन मिलता है वो अच्छा लगता है..साथ ही साथ आपके सुझाव भी मिलते रहते हैं, जिससे मुझे सही गलत का अंदाज़ा लगते रहता है…ब्लॉग जगत में टिप्पणियों का बहुत बड़ा स्थान होता है, और टिप्पणियां नए ब्लॉग लेखकों को और लिखने के लिए प्रोत्साहित भी करती हैं.


पंकज, स्तुति, प्रशांत, दिव्या, प्रीती दी – और कुछ तारीफ़ करूँगा तो आप लोग सर पे चढ़ जाओगे 🙂 

चचा जी (सलिल वर्मा) – चाचा जी के ब्लॉग का पता मुझे किसी अन्य ब्लॉग के टिप्पणियों से चला… ये तो याद नहीं की कौन सा ब्लॉग था वो, लेकिन वहां इनका कमेन्ट देखा..शुरू में नाम तो बड़ा अजीब लगा “चला बिहारी ब्लोग्गार बनने” :P, मैंने पहले पहल तो इग्नोर कर दिया..फिर कुछ दिन बाद फिर से कहीं किसी टिपण्णी में इनका नाम दिखा, फिर सोचा की देख ही लूँ की कौन हैं आखिर, और इसी तरह आना हुआ इनके इस पोस्ट पे ..इनकी हर पोस्ट से बहुत कुछ सीखने को मिलता है.चाचा जी का सबसे पहला कमेन्ट मेरे इस ब्लॉग पे नहीं था, वो दूसरे ब्लॉग पे था..शायद इस ब्लॉग का पता उन्हें देर से लगा. लेकिन उस दिन से आज तक इनका आशीर्वाद बना रहा. 🙂 


शिखा दी(शिखा वार्ष्णेय) – जब मैंने पहली बार इनका ब्लॉग पढ़ा तो मुझे बस यही लगा की “कोई इतना अच्छा कैसे लिख सकता है “, ये बात मैंने शिखा दी को कुछ दिन पहले चैटिंग पे भी बताई थी.. 🙂 सबसे अच्छी बात ये है की ये बहुत घुमती हैं, और हमें भी उन सब जगहों पर ले के चली जाती हैं अपने ब्लॉग के जरिये. इनकी कविता हो या संस्मरण…सब के सब मस्त लिखे होते हैं.. 🙂


रश्मि दी (रश्मि रविजा) – जैसी स्वीट सी दीदी हैं ये, वैसा ही स्वीट सा कमेन्ट भी करती हैं. इनके कमेंट्स सबसे अलग और खूबसूरत होते हैं. रश्मि दी के ब्लॉग का पता मुझे शिखा दी के ब्लॉग से चला था…और शायद रश्मि दी का ये पोस्ट मैंने सबसे पहले पढ़ा था..उस समय उनको जानता नहीं था इसलिए शायद बिना कोई कमेन्ट किये वहां से वापस आ गया था.. 🙂 रश्मि दी का सबसे पहला कमेन्ट मेरे ब्लॉग पे जो आया था वो ये था, मेरी बहन के सगाई की तस्वीरों पे इन्होने कमेन्ट दिया था. इनका एक और ब्लॉग है, जहाँ ये केवल कहानियां लिखती हैं…मैं थोड़ा सा आलसी हूँ, इनके लिखे लंबी लंबी कहानियों को नियमित नहीं पढ़ पाता, लेकिन दी जैसा मैंने आपको ई-मेल में कहा है की अब से आपकी कहानियों को जरुर पढूंगा, और वैसे आजकल तो आपको रेडियो पे भी सुन ही रहा हूँ… 🙂


उमा जी – इनको और कोई काम धाम नहीं है, बस एक ही काम है…की हम जैसे लोगों को स्वादिस्ट पकवानों की तस्वीरें दिखा के ललचाते रहना..:) एक से बढ़ के एक रेसपी है इनके ब्लॉग पे..यकीन न आये तो एक बार घूम आइये इनके ब्लॉग..नियमित रूप से मेरे ब्लॉग को झेलते आ रही हैं ये. 🙂 


स्नेहा – स्वीटेस्ट फ्रेंड.. जितनी प्यारी और खूबसूरत खुद हैं स्नेहा, उतना ही प्यारा और खूबसूरत इनका ब्लॉग भी है…इंग्लिश में लिखती हैं और कमाल का लिखती हैं..दोस्तों और कॉलेज लाइफ पे ऐसे ऐसे किस्से सुनती हैं की फिर से हमें अपने कॉलेज के दिनों की याद आ जाती है. इनके लिखे कुछ पोस्ट मुझे इतने अच्छे लगते हैं की उन्हें मैंने सेव कर के रख लिया है..एक कमेन्ट स्नेहा के द्वारा दी गयी मेरे दूसरे ब्लॉग पे, जो मुझे बड़ा क्यूट सा लगा था वो ये था , जिसमे ये कह रही हैं की मुझे एक किताब भी छपवानी चाहिए… स्नेहा जी अभी नहीं..मैं उतना अच्छा नहीं लिखता. 🙂


शमा जी – इनके कविताओं का मैं बहुत बड़ा फैन हूँ..इनकी कुछ कवितायेँ तो मुझे ऐसी लगती है की जैसे मेरे जिंदगी के ही कुछ पन्ने हो..ये बात मैंने अभी कुछ दिन पहले ही इन्हें बताया भी था इनके ब्लॉग पे..शमा जी भी मुझे काफी दिनों से झेलते आ रही हैं, और हर आये पोस्ट पे इनके द्वारा दी गयी टिपण्णी मेरे चेहरे पे एक मुस्कान दे जाती है 🙂 


समीर चाचा(समीर लाल) – ये तो हमारे ब्लॉग जगत के अमिताभ बच्चन हैं :P…इन्हें कौन नहीं जानता..मेरे जैसे नए ब्लॉगर को इनकी टिपण्णी हमेशा मिलते भी रही है, और इनका आशीर्वाद भी बना रहा है हमेशा..इनका लिखा तो सभी को पसंद आता है..और इनकी कुछ कविताओं को तो मैंने अलग से लिख के रख भी लिया है.. 🙂


अजय भईया(अजय कुमार झा) – अब इनके बारे में क्या कहें, आप लोग तो जानते ही हैं इन्हें…इनसे कुछ ही दिनों में इतना गहरा और अटूट रिश्ता बन गया है, की मुझे लगता ही नहीं की हम कभी नहीं मिले हैं.. इतना अपनापन से बात करते हैं ये की लगता है जैसे हमारा बहुत पुराना सा कोई रिश्ता है. 


शुभम जी(शुभम जैन) – नन्ही पारी इशिता को तो आप लोग जानते ही होंगे. इशिता इन्ही की बेटी है. शुभम जी के भी टिपण्णी लगातार मिलते रहते हैं..टिपण्णी तो वैसे बहुत मिलते हैं, लेकिन शुभम जी जिस अंदाज़ में , एक अपनापन जता के टिपण्णी करती हैं, वो सबसे अलग होता है..एक पोस्ट पे तो टिपण्णी के जरिये इन्होने एक छोटी सी कहानी भी बता दी थी..:) इशिता के ब्लॉग पे भी मैं नियमित रूप से जाता हूँ और अब तो इशिता से एक रिश्ता सा बन गया है. 🙂

राम त्यागी जी – इनसे भी कुछ दिन पहले ही मुलाकात हुई, पहली मुलाकात से ही एक अपनापन सा लगा. इनके द्वारा दी गयी टिप्पणियों में भी एक अपनापन रहता है..


आराधना जी(आराधना चतुर्वेदी) – कमाल का लिखती हैं, बस और कुछ नहीं कह सकता. शानदार लिखती हैं, और इनकी कविता तो और भी कमाल की होती है. इनसे तो इतनी जल्दी दोस्ती हुई , मानो की लाईट के स्पीड को भी फेल कर दे..वैसी स्पीड से दोस्ती हुई.. 🙂 ये आजकल थोड़ा बीजी हैं अपने कामों में और टाइम मैनेजमेंट में लगी हुई हैं, 😉 लेकिन इनके जितने भी कमेंट्स मिले हैं, सब बेहद स्वीट से रहे हैं.. 🙂 


अंजुले श्याम – इनसे अपनी दोस्ती हुए भी ज्यादा दिन नहीं हुए हैं, लेकिन जिस दिन से दोस्ती हुई उस दिन से ही एक बड़ा अच्छा रिश्ता बन गया है इनसे. ब्लॉग ज्यादा नहीं लिखते, लेकिन हाँ पढ़ते जरुर हैं और टिपण्णी भी देने में कभी कसर नहीं छोरते.. 


विवेक भईया(विवेक रस्तोगी) – आजकल ये अपनी यादों में हमें डुबोए हुए हैं..इनके ब्लॉग पे हर तरह की चीज़ पढ़ने को मिलती है, चाहे वो इनसे जुड़ी कुछ पर्सनल बातें हों या फिर कोई जानकारी. इसलिए मुझे इनका ब्लॉग बेहद पसंद है. विवेक भैया भी उन लोगों में से हैं जो मेरे ब्लॉग को सफलतापूर्वक झेल लेते हैं.. 🙂 


प्रवीण जी(प्रवीण पाण्डे) – इधर हिंदी में किसी ब्लॉग से मैं ज्यादा प्रभावित हुआ हूँ तो वो प्रवीण जी का ही ब्लॉग का..कितना सधा हुआ और कितना रोचक लिखते हैं, साथ ही भाषा पे इनकी पकड़ कमाल की है.आजकल हमसे भी लगातार जुड़े हुए हैं प्रवीण जी. 

ऋचा जी – कहते हैं न की गुलज़ार साहब को चाहने वाले जल्द ही अच्छे दोस्त बन जाते हैं..बस वैसा ही है..ऋचा जी के साथ भी अपनी दोस्ती ऐसे ही हो गयी..:) वो भी गुलज़ार को चाहने वालीं और हम भी…ऋचा जी की कुछ कुछ कवितायेँ और ग़ज़लें तो कमाल की होती हैं, लिखती भी हैं बेहद खूबसूरत.

सागर – इनके ब्लॉग पे मैं अक्सर जाया करता हूँ लेकिन बहुत बार बिना कमेन्ट किये वापस आ गया हूँ.. कुछ ही ब्लोग्स हैं जिनके कुछ पोस्ट्स मैंने अलग से सेव कर के रखे हैं.., सागर जी का ब्लॉग उन्ही कुछ ब्लोग्स में से है..सागर जी की पहली कमेन्ट जो मेरे ब्लॉग पे थी वो भी कमाल की रही..ये था उनका कमेन्ट…(“कहाँ थे यार”) , मैं बड़ा कन्फ्यूज सा हो गया था की इन्होने इतना मित्रतापूर्वक कमेन्ट लिखा है, क्या मैं इनको जानता हूँ..:) 


शिवम जी (शिवम मिश्र) -शिवम भैया भी आजकल मेरे ब्लॉग को अच्छा ख़ासा झेल रहे हैं, और झेलने के साथ साथ कुछ मेरे पोस्ट को चर्चा में भी डाल दिया करते हैं..:) शिवम भैया का ब्लॉग भी बहुत अच्छा लगता है मुझे, कुछ नयी जानकारी मिलती है.

रंजन जी – वैसे रंजन जी ब्लॉग पे कमेन्ट करते हैं तो करते होंगे..मुझे इनसे कोई लेना देना नहीं है…मुझे तो मतलब है इनके बेटे आदि से..बड़ा क्यूट और स्वीट सा है आदि…रंजन जी को बस इसलिए शुक्रिया कहूँगा की हर रोज आदि से मिला देते हैं..बाकी कमेन्ट देने के लिए उन्हें शुक्रिया नहीं कहने वाला मैं 😉 

इन सब लोगों के साथ साथ जो मेरे अब तक के ब्लॉग सफर में साथ रहे और हमेशा मेरे लिखे हुए पर अपनी राय देते रहे उनमे से हैं – दिव्या जी(zeal), दिलीप भाई, राजेन्द्र मीना जी, वंदना जी, जाकिर अली रजनीश भाई, कुश भाई, नीरज जाट जी, संगीता स्वरुप जी , महेश जी, देव कुमार जी, सुमन जी, माधव , दीपक मशाल जी, संजय भास्कर जी…और भी किसी के नाम छुट गए हों तो मुझे माफ कर दीजियेगा, आप सभी के टिप्पणियों से मुझे लिखने का प्रोत्साहन मिलता है और अपना प्यार, विश्वास और आशीर्वाद हमेशा बनाये रखें..बस यही निवेदन है 🙂 

इस ब्लॉग जगत में मैं जनवरी से सक्रिय हुआ हूँ और अभी तक के सफर में जो प्यार मुझे मिला है वो मैं बयां नहीं कर सकता..कुछ ऐसे रिश्ते बने जो जिंदगी भर मेरे साथ रहेंगे..कुछ ऐसे सच्चे दोस्त बने, जिन्हें अपना दोस्त कहना मेरे लिए एक फक्र की बात है..ये पोस्ट बस कुछ उन्ही लोगों के नाम है जो मेरे इस सफर में जुड़े रहे, और आशा है की मेरे साथ युही चलते रहेंगे..

Recent Articles

हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रुठै नहीं ठौर : शिक्षक दिवस पर खास

सुदर्शन पटनायक द्वारा बनाया गया, चित्र उनके ट्विटर से लिया गया आज शिक्षक दिवस है, यह दिन भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ....

तीज की कुछ यादें, कुछ अभी की बातें और एक आधुनिक समस्या

इस साल के तीज पर बने पेड़कियेबचपन से ही तीज का पर्व मेरे लिए एक ख़ास पर्व रहा है. सच कहूँ तो उन दिनों इस...

एक वो भी था ज़माना, एक ये भी है ज़माना..

बारिश हो रही हो, मौसम सुहाना हो गया हो और ऐसे में अगर कुछ पुराना याद आ जाए तो जाने क्या हो जाता है...

बंद हो गयी भारत की सबसे आइकोनिक कार, जानिये क्यों थी खास और क्या था इतिहास

Photo: CarToqपिछले सप्ताह, अचानक एक खबर आँखों के सामने आई, कि मारुती अपनी गाड़ी जिप्सी का प्रोडक्शन बंद कर रही है. एक लम्बे समय...

आईये, बंद दरवाजों का शहर से एक मुलाकात कीजिये

यूँ तो साल का सबसे खूबसूरत महिना होता है फरवरी, लेकिन जाने क्यों अजीब व्यस्तताओं और उलझनों में ये महिना बीता. पुस्तक मेला जो...

Related Stories

35 COMMENTS

  1. बहुत बधाई सेंचुरी की, ब्लॉगर देवता करे कि आप ऐसी हजार सेंचुरी मनायें।

    सभी ब्लॉगरों से ओह्ह्ह ये भी बोल सकते हैं सुधी झेलु पाठकों से मिलवाने का शुक्रिया।

    चलो अब केक शेक काटो, और ये भरा हुआ बीयर का गिलास खाली कर डालो.. चीयर्स…

  2. शतक की बधाई ..केक भी इतनी क्रीम वाला है न जितने झाग बीअर पर देख रहे हैं ? जल्दी से काटो और हाँ मुझे बड़ा वाला पीस 🙂
    सभी झेलने वालों सी मिलाने का भी शुक्रिया.:)

  3. oh hey hello…
    indirect comment matlabbbbb?
    achhe se samjhao. aur with example samjhao to jyada achha rahega..mere kis comment se tumhe kuch aur baatein pata chali jo dusron ko nahi pata chal payee…

    :d batao batao

    n waise congratss for 100th post 🙂

  4. वाह लंबे सप्ताहांत पर बैंगलोर वाले ब्लॉगर तो पार्टी वार्टी की बातें कर रहे हैं।

  5. अभि बेटा,
    आसीर्बाद… सेंचुरी का कारन जानते हो! कारन है कि तुम दिल से लिखते हो… बस एही बचाए रहो…एतना लोग मिला, लेकिन जो हम तुमरे लिए फील करते हैं ऊ बता नहीं सकते.. एगो बतवा त भुलाइये गए तुम..जो हम तुमरा अंगरेजी कबिता को हिंदीमें अनुबाद किए थे??
    चलो तनी मजाक करते हैंः

    चाचा जीः शुरू में यह नाम बहुत अजीब लगा… मैंने पहले पहल तो इग्नोर कर दियाः इग्नोर तो अभी किया था दिल्ली आकर नहीं मिला हमरे ऑफिस के बगल में आकर भी… फोन भी नहीं.
    शिखा दीः कोई इतना अच्छा कैसे लिख सकता हैः कलम से अऊर, दिमाग से..हाँ एगो अऊर जरूरी चीज है दिल… ई नहीं हो तो कोई लिखिए नहीं सकता है..
    रश्मी दीः जैसी स्वीट हैं वैसा स्वीट कमेंट भी करती हैंः सो स्वीट ऑफ यू!!
    उमा जीः इनको कोई काम धाम नहीं हैः का बात करते हो, केतना दिन से किचन धाम सम्भाले हैं.
    स्नेहाः कह रही थी किताब छपवाना चाहिएः ठीक बोले, का करोगे छपवा कर, गंदा है पर धंधा है ये… पईसा देकर छपवाओ फिर मुफ्त में बाँटो.. पईसा देकर तारीफ लिखवाओ.. एतना करने से अच्छा है चचा से मँगनी में तारीफ लिखवा लो, दिल से (झूठा नहीं)!!
    समीर चाचाः ब्लॉग जगत के अमिताभ बच्चनः ठीक बोले ई नहीं होते त तुमरे ई बिहारी चचा भी नहीं होते… आज हम इन्हीं के बदौलत हैं.
    बस बेटा ! बचपने से हाथ में बैट लेकरफोटॉ खिंचवाने का सौख था न तुमको, आज भईया भाभी खुस होंगे सेंचुरी पर.. गोड़ छुआ कि नहीं (फोने से)!!
    जियो..लिखते रहो!!

  6. अरे वाह..बड़ा हिसाब-किताब रखा है भई…क्या कमाल की याददाश्त है…पोस्ट, टिप्पणी…सब याद हैं?….क्या बात है…चलो शतक पर शतक बनाते रहो और ब्लॉग जगत के सारे रेकॉर्ड्स तुम्हारे नाम हों…टोकरी भर कर शुभकामनाएं
    गणपति की तैयारियों में बिजी हूँ…लोगों की पोस्ट पढ़ भी नहीं पा रही…पर रेडियो की रेकॉर्डिंग करने आई (चलो कोई तो सुनता है…:)) और इस पोस्ट पर नज़र पड़ गयी….देर से देखती तो अफ़सोस होता… पहली बार मेरे लिए स्वीट सी दीदी का प्रयोग किया गया है…थैंक्यू…थैंक्यू

  7. बालक, आज तुम पूर्ण ब्लॉगर बन गए हो.. जब तक सैकडा और बरसी… अररर आई मीन, हैप्पी वाला बड्डे ब्लॉग का ना मनाये पोस्ट लिखकर, तब तक असली ब्लॉगर नहीं बनता है कोई.. 🙂

    अब रहा बाकी शिखा और दिव्या के बारे में.. तो हम कुछ नहीं बोलेंगे.. नहीं तो तुम बोलोगे कि बहुत बोलता है.. 😛

    अभी तो मैं सातवें आसमान पर हूँ.. वैसे डर भी रहा हूँ.. अगर कोई तुम्हारे ब्लॉग से परेशान होगा तो तुमसे पहले मार मुझे पड़ेगी.. कि यही लड़का इसको पकर कर लाया है यहाँ.. 🙂

  8. इस पर कुछ कहना ऎसा हो जायेगा कि जैसे उधार चुकाने की कोशिश कर रहा हूँ इसलिये ज्यादा नहीं कहूँगा…

    तुमने जिनके नाम लिये उनमें से काफ़ी लोगों को जानता हूँ और वो सच में बहुत अच्छा लिखते हैं.. कुछ लोगों तक अभी नहीं पहुँच पाया हूँ.. दायरे बढाने हैं थोडे.. टाईम मैनेजमेन्ट भी सीखना है.. 🙁

    वैसे मेरी इतनी तारीफ़ करने की जरूरत नहीं थी.. वो क्या है.. हजम नही होती न..

    तुम्हारी सौवीं पोस्ट पर बधाई.. खुदा करे हमेशा नॉट आउट रहो..

  9. जिओ भतीजे…सेन्चुरी की बधाई…..अब हजारा लगना चाहिये फटाफट.

    वैसे कौन कौन सी कविता धर लिए हो, वो तो बताओ. 🙂

    बहुत बधाई और शुभकामनाएँ.

  10. @विवेक भैया, आप भी आ जाईये, इसमें क्या दिक्कत है…मिल कर पार्टी होगी, प्रवीण जी के घर पे ही हम सब आ धमकेंगे…वैसे भी इनकी तीन दिनों की छुट्टी है 🙂

    @शिव भईया,
    शुक्रिया, 🙂

    @शिखा दी,
    हाँ जी, आपके लिए बड़ा वाला पीस रखे हुए हैं हम 🙂

    @शिखा,
    तुमको तो हम बताएँगे…रुक जाओ 🙂

  11. @दिनेशराय जी,
    मेरी खुशकिस्मती है की आपसे दोस्ती होगी 🙂

    @शमा जी,
    बहुत शुक्रिया…

    @चाचा जी,
    ऐसे ही अपना आशीर्वाद बनाये रखिये हमपे 🙂 और हाँ पापा-मम्मी का गोड़ डेली छूते हैं फोन पे 🙂

    @उमा जी,
    शुक्रिया..

    @रश्मि दी,
    वेलकम दी, वेलकम ..

    @प्रशांत..
    हाँ तुमको कोई मारेगा तो हम बहुत खुश होंगे..समझे…और जो बोलना था बोल देते..हम ये नहीं कहेंगे की बहुत बोलता है तुम

    @संजीत जी,
    आ जाईये बैंगलोर, पार्टी एनीटाइम रहेगा 🙂

    @पंकज,
    यार झूठी तारीफ़ की थी…अब समझ गए न..:)

    @समीर चाचा..
    अरे अब वो तो डायरी में लिखी है मैंने…आप आइये इधर तो खुद ही देख लीजिए 🙂

  12. अभिषेक ! तुमने तो मेरी तारीफ़ ही नहीं की, ही ही ही…फ़ालतू में कह दिए की हम सर पे चढ़ जाएंगे 🙂
    वैसे पार्टी कहाँ है? लन्दन से टिकेट बुक करवा दो एक बैंगलोर के लिए..हम आ जाएंगे पार्टी खाने..या तो फिर लन्दन में ही कहीं हमारी पार्टी का इन्तेजाम कर दो:-)

  13. पहले तो प्रथम सेंचुरी के लिए बधाईयां..देखो पहली बार हमारी बात हुई..हमने आपका ब्लॉग ज्वाइन किया और उसी दिन आप शतकवीर बन गए..

  14. प्रीती दी,
    रुकिए आपके पार्टी का वहीँ इन्तेजाम करते हैं हम 🙂

    @साकेत जी,
    शुक्रिया सर जी 🙂

    @चाचा जी,
    एगो बात कहना भूल गए हम..
    अरे आपके ऑफिस के बगल में हम नहीं आये थे…जिस दिन आये दिल्ली, उस दिन हमारा काम आनंद विहार में था…तो वहीँ पूरा दिन बीजी रहे..:(

  15. सेंचुरी मुबारक हो अभी जी… आपके तमाम दोस्तों की लिस्ट में अपना नाम देख के सुखद आश्चर्य हुआ 🙂 और इसका ज़रिया गुलज़ार साब जैसी हस्ती बने इससे बेहतर और क्या हो सकता है.. हमेशा ऐसे ही ख़ूबसूरत रंग बिखेरते रहिये अपने ब्लॉग पर और उसे गुलज़ार करते रहिये 🙂

  16. पंकज वाली ही बात कहूँगा अभि.. टाईम मैनेज करना है..
    चलो ये अच्छा है कि टाईम पे पता चल गया वरना सेंचुरी छुपी रह जाती.. अब तो मुझे भी देखना पड़ेगा कि कितनी पोस्ट्स हुई ब्लॉग पर..
    एनिवेज कहूँगा यही.. कि हजारवी पोस्ट तक भी यही चार्मं बनाये रखना..

    all the best..!!

  17. .
    इश्वर करे आप खूब तरक्की करें। अच्छे लेख लिखें जिससे समाज का भला हो। बहुत कम लोग होते हैं जो याद रखते हैं। आपने अपने दोस्तों और शुभचिंतकों को याद रखा , यह एक बहुत बड़ी बात है। मेरी शुभ-कामनाएं आपके साथ हैं।
    .

  18. इस पोस्ट पर भी शतक लगना चाहिये फिर तो दोहरा शतक हो जायेगा………।बहुत बहुत बधाई…………॥इसी प्रकार लिखते रहिये।

  19. बधाई हो बधाई……..पार्टी तो हमको भी चाहिए बट का करें आपके दोस्तों की लिस्ट में हम अपना नाम देख कर जरा शरमाई गए हैं….. फिर भी पार्टी हमको भी चहिये …….हाँ ब्लॉग इस वजह से नहीं लिख पता क्यों की मुझे ज्यादे टाइम नहीं मिल पता है….फिर एक और दिक्कत कैरियर की अभी शुरुवात है एक स्ट्रगल का दौर भी है…..जल्दी उम्मीद है मैं खुद का ब्लॉग शुरू कर दूँ…..ताकि आप लोग थोडा बहुत हमहूँ को झेले …आखिर हम कबतक अकेले अकेले आप सबको झेलेंगे…..सौवे पोस्ट के लिए फिर से बधाई….हाँ आपकी याददास्त भी वाकई काबिलेतारीफ है कमेंट्स से लेकर ब्लॉगों तक पहुचने का सफ़र सबकुछ याद है…इसकी भी दाद देनी ही पड़ेगी……….

  20. sabse pehle toh….! bahut bahut badhai. i hope and wish for many many more centuries 🙂

    and jo kuch bhi aapne mere liye likha hai uske liye thanks a lott..!

    sach main bahut accha laga. aur aap bahut kaabil hai please khud ko underestimate na kare.

    lastly ek baat jo maine notice ki hai par shayaad aapse kabhi kahi nhi, vo yeh ki aap kitne zada mehanti (hardworking) hai.

    the amount of labour you have put into this post (all the links and things about all the friends) is quite evident. i m sure aap apna baki saara kaam bhi bahut mehnat se karte honge.

    you will be very successful in life 🙂
    wish you all the best and all the luck in life.

  21. सबसे बड़ी बात है कि तुम्हारी पोस्ट में मौलिकता झलकती है …ऐसे ही लिखते रहो – यही मेरी शुभकामना है !

    अभी तो ये अंगडाई है – शतक के साथ – आगे और लड़ाई है – जल्दी ही हजार पोस्ट हों ऐसी ही क्वालिटी के साथ !!

  22. are aapki ye 100vi post kab aa gyi mujhe pata hi nahi chala…aaj kal ganpati me thodi busy ho gyi aur mera cake aur party sab miss ho gya…mere liye nahi to kam se kam ishita ke liye to rakh lete aap…:)

    khair ye to mazak ki baate hai…shatkiya post ki hardik badhai, ganpati ji yu hi post per post likhwate rahe aapse yahi mangal kamna hai…

  23. और भी किसी के नाम छुट गए हों तो मुझे माफ कर दीजियेगा…यही लिखे हो न आखिर में…???
    सब समझ गए रे… :/

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

नयी प्रकाशित पोस्ट और आलेखों को ईमेल के द्वारा प्राप्त करें