दोस्त ऐसे भी 🙂

आज बड़े दिन बाद ब्लॉगर डॉट कॉम पे लोगिन किया..राखी के अवसर पे घर(पटना) गया था तो पिछले कुछ दिनों से घर पे ही था और कुछ अन्य कामों में अच्छा ख़ासा व्यस्त रहा. हम जैसे लोगों के लिए जो घर से बाहर रह रहे हैं, राखी के अवसर पे घर पे रहना एक बहुत खुशी की बात होती है. मुझे याद है जब इंजीनियरिंग के दिनों में राखी पे घर से बाहर रहता था तो बड़ा अजीब सा..खाली खाली सा लगता था.खुद ही राखी बाँधनी पड़ती थी कलाई पे और और खुद ही मिठाई खानी पड़ती थी. खैर ये खुशी की बात है की पिछले २-३ सालों से किसी न किसी तरह से राखी पे घर पहुँच ही जाता हूँ :). राखी बहुत अच्छी रही इस बार की, राखी के साथ साथ पटना की दो और खूबसूरत यादें रही – एक तो ये की कुछ बेहद ही करीबी दोस्तों से मुलाकात हुई, जिनसे मिलने को न जाने कब से प्लान बस बन ही रहा था.कभी फोन पे तो कभी चैट पे..आखिरकार पटना में मौका लग ही गया मिलने का :). दूसरी अहम बात ये रही की मेरे दोस्त अकरम की शादी तय हो गयी..तय क्या उसकी तो सगाई भी हो गयी..ये अकरम महाशय मेरे साथ इंजीनियरिंग में थे और पुरे चार साल मेरे सबसे अच्छी दोस्त भी रहे हैं.पहले तो जब सुना इसकी सगाई की बात तो हजम नहीं हुई, मुझे लगा ये मजाक कर रहा है 😛 इसलिए कन्फर्म करने के लिए फिर से कॉल किया, जब ये बात पक्की हो गयी की हाँ अब ये भाईसाहब भी शादी के बंधन में बंधने के लिए तैयार हो चुके हैं तब हमने कहा की एक और दोस्त कुर्बान हुआ शादी के मंडप पे 😛
 पिछले कुछ दिनों से ऐसे ही कुछ कामों में व्यस्त था और कुछ ऑफिस के काम भी थे, तो इन्टरनेट के दुनिया से लगभग बेखबर सा रहा..इन्टरनेट का इस्तेमाल बस जरूरी ई-मेल चेक करने तक का ही होता था.दोस्तों के ई-मेल को भी अलग फोल्डर में रख दिया था, की आराम से पढ़ के इत्मीनान से जवाब दूँगा. ब्लॉग जगत से तो बिलकुल ही बेखबर रहा, ना तो कोई ब्लॉग पढ़ा और ना ही कोई पोस्ट लिखा. ब्लॉग,फेसबुक,ऑरकुट और जीमेल पे मुझे नहीं नहीं देखने पे कुछ दोस्तों ने तो मजेदार मजेदार ई-मेल भी किये.देख लीजिए कैसे दोस्त हैं मेरे और किस किस तरह के ई-मेल करते हैं 🙂 

सुदीप भाई ने लिखा -Bro, where are you? no facebook updates, no blog updates? c’mon yaar…kuch raham kar facebook walon pe..tu nahi online rahega to unki roji roti kahan se chalegi?? bro i just recieved a letter from the head of facebook that please tell abhishek to use facebook regularly without any gaps, they are even ready to pay you for using facebook 😛  ” so come back soon..facebook is missing you 😉 and by the way even mr.barak obama was enquiring about this 😉 so ab tu bhav khaana kam kr aur jaldi se wapas aa.

रिया कहती है जी-मेल पे – Thaaankk god, en dino mujhe boring blogs padhne k leye koi force nahi kar raha hai warna facebook pe to din mein 3-4 blog links daal hi deta tha tu..aur unhe padhna padta tha majboori mein…:D 😀 😀 abhi bada free free reh rahi hun 😛 padhne ka koi jhamela nahi :P…
but frnd wat abt those ppl who wait anxioulsy for ur comment on their blogs…wo log to aanhe bhar rahe honge ki kab aadarniya shri shri abhishek maharaj ji ke comments humare blog pe dikhe…they would be missing u like hell…….

well c’mon yaar…aisa sochna bhi mat.tere bakwaas commment ka koi wait nahi karta hoga 😛 :P:D waise bi koi bhi tere jaise bakwaas “”praani”” ko kaise tolerate kar sakta hai 😛 aur agar koi karta hoga to alag baat hai…bhagwaan hi bachaye unhe,.,.,.,
meri baat aur hai…….main tujhe tolerete bas tujhpe daya khaa ke karti hun 😛 😛
dekh main kitni dayaavaaan hun… kadr kar le ab meri kuch 😛

शेखर भाई ने लिखा – bhaijaan orkut to tune bahut pahle se tyaag diya hai.aisa hi prateet hota hai. ab is facebook se kya naarazgi????abey hai kahan tu??????itne dino mein bas raakhi ke photos dikhe facebook pe. hadd hi ho gai ab toh..raham kiya kar kabhi.
kitne dino se tere funny updates dekhne ko nahi mile jaise “oh this movie is awesome…this song is terrefic.bla bla bla..” abe tu to bangalore mein baarish hui ya nahi wo bhi karta hai status update to humein pata chalte rahta hai weather ka..weather forecast dekhne ki jarurat nahi padti.:) yaar m hell bored in office.
tere updates se timepaas mast hota tha mera 😀

तीनो के लंबे लंबे ई-मेल की कुछ झलकियाँ थी ये. ये सब ई-मेल पेंडिंग फोल्डर में रखे हुए थे जिन्हें कल रात ही निपटाया मैंने..मेल पढ़ने के बाद हंसी तो रुक ही नहीं रही थी. 🙂 मैंने भी सोचा क्या कमाल दोस्त मिले हैं मुझे. 😛 अभी उनको जवाब देने के बाद ही सोचा की एक पोस्ट लिख दूँ, वैसे भी कई दिन हो गए थे कोई पोस्ट लिखे.

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  1. हा हा हा ..दोस्त हों तो ऐसे…ज़िन्दगी की रेसिपी में नमक से.
    जिनके बिना बेस्स्वाद है ज़िन्दगी…देखो एक पोस्ट का मैटर भी दे गए….अनजान में भी भला ही कर जाते हैं,दोस्त..
    welcome back 🙂

  2. हा हा हा ..बहुत खुशनसीब हो जो ऐसे दोस्त मिले हैं
    मुझे तो थोड़ी थोड़ी जलन भी होने लगी है 🙂
    कित्ते प्यारे प्यारे और सच्चे मेल लिखे हैं :)हा हा हा ..

  3. दोस्त तो होते ही ऐसे हैं, प्यारे प्यारे…

    हमारे मित्र लोगों से जब हमारी बात होती है तो आज भी कॉलेज वाली भाषा में ही बात होती है, और हम लोग घर के अंदर जाने में कतराते हैं किसी के भी, नहीं तो "खुल के बात" नहीं हो पाती है। 🙂

  4. yaaaar this iz nt fair….mailz share kar diyaa 😀 😀
    chalo achha hai pura mail share nahi kiya 😛 😛

    dekh sabse lamba bhasan maine hi diya hai 😀

    loved this post !!!!!!!!!

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