कल के दिन की रंगीनियत बयां करती ये तस्वीरें……

सबसे पहले तो मैं सब दोस्तों, बड़ों को धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने मुझे अपना प्यार, आशीर्वाद दिया कल मेरे जन्मदिन पे..कुछ अच्छी बात रही…कुछ सप्राइज़ , कुछ अच्छे पल…घर की कमी तो बहुत खली, लेकिन आप लोगों की दुआ से कल का दिन अच्छा रहा.

सुबह उठते ही सबसे पहले मंदिर गया, जैसा की घर पे करता था….जब पटना में रहता था मैं,  तो पापा हमें हर बार जन्मदिन पे सुबह मंदिर ले जाते थे …इसलिए कल भी सुबह सुबह स्नान कर के सबसे पहले मंदिर गया, अब उतनी सुबह तो पर्साद नहीं चढ़ा सकता था मंदिर में, तो बस भगवान जी को प्रनाम कर के, मन ही मन कुछ दुआ मांग के वापस आ गया..वैसे तो कल का कुछ खास प्लान, कुछ खास इरादा नहीं था, फिर भी दोपहर में सोचा की जन्मदिन है, कहीं तो घूमने जाना चाहिए..अब जन्मदिन पे उस तरह की पार्टी-शार्टी मुझे पसंद नहीं, ना ही कोई ज्यादा शोर-गुल, तो मॉल या मल्टीप्लेक्स जाने की बात तो पहले ही कट गयी,बाकी जो भी घूमने के जगह हैं बैंगलोर में वहां कई बार जा चूका हूँ, कुछ नए जगह भी हैं बैंगलोर के आसपास लेकिन वहां आने जाने में वक्त लगता…ये सब सोच विचार कर के हमने तय किया की कर्नाटक स्टेट लाइब्रेरी चला जाए, उसके आस-पास  कुछ खूबसूरत पार्क हैं, कुछ छोटा सा जंगल जैसा  है..मैं एक बार पहले भी जा चूका था और वहां का शांत वातावरण देख दिल खुश हो गया था…सबसे अच्छी बात तो ये की पैसे नहीं लगने थे..फ्री एंट्री है वहां..तो पैसे भी बच गए अपने 😛 


वहां से घूम के वापस शाम में घर पंहुचा..फिर रात केखाने का बंदोबस्त करना था..मैंने तो एक पल के लिए प्लान बनाया की बाहर रेस्टरान्ट में चला जाए..फिर दोस्तों ने कहा की, भई अगर जाओगे में तो एक तो बिल आ जायेगा अच्छा ख़ासा ऊपर से खाने की संतुष्टी वैसी नहीं मिलेगी..चलो कुछ घर पे ही बनाते हैं..शाम से ही सब दोस्त लग गए रात का खाना बनाने में.., मिलकर खाना बनाने और खाने में जो मजा आता है वो रेस्टरान्ट में कभी भी नहीं मिल सकता 🙂 दोस्तों ने मेरे लिए केक भी ले आया था..हालांकि केक काटना मुझे कुछ पसंद नहीं लेकिन जब उन्होंने इतने प्यार से लाया तो केक कैसे नहीं काटता…:) 


रात तो जब सोने की तय्यारियां कर रहा था तो कॉल आया चचा जी का.., उनसे बात करके बहुत अच्छा लगा…ये तो मेरे लिए बिलकुल एक बर्थडे सप्राइज़ गिफ्ट जैसा रहा, वो भी पता नहीं कहाँ कहाँ से मेरा नंबर जुगाड़ कर लेते हैं 😉 खैर, दिल खुश हो गया उनसे बात कर के…कल मेरे जन्मदिन पे किसी ने मुझे गिफ्ट नहीं दिया, रात में वो चचा जी का फोन कॉल एज-ए गिफ्ट मिला मुझे 🙂


फ़िलहाल ऑफिस में हूँ,थका हुआ भी हूँ कुछ, ज्यादा लिखूंगा नहीं, आप तो कल के कुछ तस्वीरें देखें..

और आखिर में, 


मैं और मेरे दोस्त मनीष सर,कोफ़ी हाउस सी.सी.डी में बैठे हुए…जब हम थक गए थे तो यहीं सोचा की कुछ देर आराम किया जाए, 


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  1. खूबसूरत तस्वीरें हैं……आपसे कल बात नहीं हो पायी थी….आपको कॉल करना था लेकिन दोपहर में पता नहीं कैसे भूल गयी…रात को सोचा पता नहीं आप जगे होंगे या नहीं…
    आज बात होगी आपसे…..और सब तस्वीरें आपने ली हैं??बहुत ही खूबसूरत आई हैं सब फोटो

  2. अभिसेक!
    कल्हे त हम बोलबे किए थे तुमको कि चचा हैं तुम्हारे त तुमरा नम्बर जोगाड़ करना कोनो बड़ा कम थोड़े था हमरे वास्ते.. चलो एगो हिंट देते हैं कि तुमरा नम्बर तुम्ही से पता चला हमको… अभी त दुसरका नम्बरवा वाला बात त करबे नहीं किए हैं… अरे ओही एयरटेल वाला… समझे… अब ई मत समझना कि हमरा एड्रेस 221बी., बेकर स्ट्रीट, लंदन है…

  3. अब समझ गए चचा, आपको मेरा नंबर कहाँ से मिला है..:) 🙂

    @कविता जी,रौशनी,शिखा जी,शिवम जी..
    शुक्रिया 🙂

    @प्रिया भाभी,
    कोई बात नहीं, आराम से बात करेंगे हम 🙂

  4. बंगलोर की सुंदर तस्वीरें निकाली हैं। इन जगहों से निकला पर अधिक ध्यान नहीं दिया, आपके चित्र देख स्मृतियाँ उभर आयीं।

  5. @प्रवीण जी, आप बैंगलोर में ही रहते हैं…वाह…हमें पता नही था..किस एरिया में टिके हैं आप 😉 हम तो mathikere में रह रहे हैं

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