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Monthly Archives: July 2010

कार-प्रेम…..ऐसी दीवानगी जो बढ़ती ही जा रही है :) :)

पता नही क्यों बचपन से ही मुझे कारों का अजीब सा शौक रहा है..गाड़ियों की तस्वीरें जमा करना..उनके बारे में जितना हो सके उतनी...

कल के दिन की रंगीनियत बयां करती ये तस्वीरें……

सबसे पहले तो मैं सब दोस्तों, बड़ों को धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने मुझे अपना प्यार, आशीर्वाद दिया कल मेरे जन्मदिन पे..कुछ अच्छी बात रही...कुछ...

जन्मदिन के किस्से….कुछ पुरानी यादों के नशे में : ८ ...

मेरी बहनों ने ये केक बनाया था मेरे जन्मदिन पेआज छब्बीस जुलाई है.वैसे तो कुछ खास बात नहीं है,आम दिन जैसा ही दिन...

गुलज़ारिश टच – आइये कुछ लम्हे गुलज़ार साहब के साथ बिताएं...

क्या पता कब कहाँ मारेगी ? बस कि मैं ज़िंदगी से डरता हूँ  मौत का क्या है, एक बार मारेगी   गुलज़ार की कुछ ग़ज़लें कुछ नगमें,उनकी...

सावन बरसे तरसे दिल…कुछ पुरानी यादों के नशे में – एक...

"फिर शाम-ऐ-तन्हाई जागी,फिर याद तुम आ रहे हो...फिर जां निकलने लगी है,फिर मुझको तड़पा रहे हो...इस दिल में यादों के मेले हैं,तुम बिन बहुत...

एक लम्हा

जिन्दगी नाम है कुछ लम्हों का.. और उन में भी वही एक लम्हा  जिसमे दो बोलती आँखें चाय की प्याली से जब उठे तो दिल में डूबें डूब...

ऑफिस का एक दिन – CRYING BABY ALWAYS GETS THE MILK...

ऑफिस में कभी कभी झटके तो मिलते ही रहते हैं सब को..कभी जोर के झटके तो कभी हलके झटके...ऐसा ही कुछ हुआ हमारे साथ...

छत की बातें

मैं सबसे ज्यादा बैंगलोर में जो मिस करता हूँ वो है घर की छत पर बीती शाम.अब बैंगलोर में जहाँ मैं रहता हूँ उधर...

किस्मत भी क्या क्या खेल खेलती है,

साल  2000हम सब उन्हें गोनू  भैया या के नाम से जानते हैं..उनका नाम है ऐसे रवीश झा है. उम्र में करीब 6-7 साल बड़े...

आज पापा मम्मी की मैरेज ऐनवर्सरी है

~ 10 जुलाई, पापा और मम्मी की मैरेज ऐनवर्सरी ~ कुछ नहीं कहूँगा, कुछ नहीं लिखने वाला आज, बस २-३ तस्वीर दिखाऊंगा, ये तब की तस्वीर...