हेल्लो…सो रहे थे क्या..

सुबह 4 बजे अगर कोई आपको कॉल करे और आप बहुत ही गहरी नींद में सोये हुए हो तो इरिटेट होना स्वाभाविक है, उसपे से कोई सुबह 4 बजे कॉल करके बस ये पूछे – “हेल्लो..सो रहे थे क्या?उठ जाओ 2 मिनट में फिर कॉल करते हैं”.. 😛  अब इतने कम देर में आवाज़ भी सही से कान में नहीं गयी..पहचान तो लिया ही था किस बेवकूफ लड़की ने कॉल किया है, इसलिए न चाहते हुए भी उठना पड़ा 🙂 .. मेरी दोस्त शिखा का कॉल था, लन्दन से..उससे बात आजकल नहीं हो पाती, तो ऐसे में अचानक से ये कॉल मैं एक्सपेक्ट भी नहीं कर रहा था…खैर, उठ गया मैं, थोड़ा फ्रेश होके अभी बैठा ही था फिर एगो औरो दोस्त सुदीप भाईसाहब उर्फ अमेरिकन बाबा का कॉल आया, उ अभी कैलीफोर्निया में काम कर रहा है, हम उसको अमेरिकन बाबा बुलाते हैं.. मुझे तो लगा था की उसने ऐसे ही कॉल किया है, हाल चाल लेने के लिए..मुझे क्या पता था की अमेरिकन बाबा का ये एक मायाजाल है..एक साजिश ..वो कोन्फेरेंस कॉल था,शिखा भी लाइन पे थी..चुपचाप हम दोनों की बातें सुन रही थी पहले..अमेरिकन बाबा तो हमको पूरा फंसाने का दिल बना लिए थे…लेकिन हम भी चालक निकले..कुछ देर में ही ये एहसास हो गया की कुछ तो गडबड है, वो बार बार शिखा के ही रिस्पेक्ट में अजीब अजीब सवाल किये जा रहा था..मैंने आखिरकार पूछ ही दिया, अबे तू उसके बारे में बात करने के लिए हमको इत्ता सुबह जगा दिया…चल फोन काट..(एक दबी सी हंसी सुन ली थी मैंने, लग गया कोई और तो है ही कोन्फेरेंस पे, गुप्त रूप से :D, लेकिन कौन अभी तक पहचान नहीं पाया, मैंने सोचा शायद दिव्या होगी.. ). खैर, आखिरकार मेरे एक दो तगड़ी धमकी के बाद आ ही गयी सामने मिस शिखा जी, कैसे नहीं आती :P…आखिर डर नाम की भी कोई चीज़ होती है साहब 😉 सुबह सुबह बाहर मदहोश कर देने वाली ठंडी हवा चल रही थी, ऐसे में मेरे इन दो परम मित्रों का फोन आ जाना, मजा ही आ गया था सुबह सुबह.. 😉 दिन भी कल का बहुत ही अच्छा बीता.. सुबह अगर इतनी अच्छे अच्छे दोस्तों की आवाज़ सुन कर शुरू हो तो पूरा दिन अच्छा बीतना तो स्वाभाविक ही है 🙂 


ये जो मेरी दोस्त है न शिखा, बहुत कमज़ोर दिल की भी है, अगर फ्रैंकली कहूँ तो डरपोक है एक नंबर की..;) एक बार यूँ हुआ की हम पटना में मिले..हम पांच लोग थे..शेखर,मैं शिखा,सुदीप और रिया . हम पटना के मौर्यालोक में मिले..वहां आइसक्रीम खा रहे थे..अब आजकल के लड़कों को लाइन मारने की आदत तो रहती ही है, तो एक महाशय शिखा को बड़ी देर से देखे जा रहे थे..इतने में ही शेखर ने कहा देख शिखा तेरे को लाइन मार रहा है वो…बच के रहना 😉 बस फिर क्या था..शिखा जा के शेखर के पीछे छुप गयी और जब तक हम लोग वहां थे वो शेखर के पीछे से हिली तक नहीं…जब हमें वहां से निकालना था तो भी वो शेखर का शर्ट पकड़ के उसके पीछे पीछे चल रही थी :P…वो सीन जब भी याद आता है तो बहुत हंसी आती है…क्या दिन थे वो, जब हम साथ थे…:) न जाने कितने पुराने यादों के गलियारे से हो के आ गए थे हम उस पैतलिश मिनट के फोन कोन्फेरेंस में…फोन रखने के बहुत देर बाद तक मैं उन्ही पुराने गलियारों में बड़ी देर तक चक्कर लगता रहा


कल भी रात में ऐसा ही कुछ हुआ..मैं सोने की ही जाने वाला था, कुछ पुरानी डायरी के पन्नों को देख रहा था, कुछ बातें याद आ रही थी..मोबाइल साइलेंट मोड में था, अचानक से नज़र गयी तो दिखा “Stuti Calling” …देखते ही समझ गया की आज फिर से फोन पे हंगामा होना फिक्स है 😉 जैसे ही फोन उठाया, दोनों के दोनों स्तुति और प्रशान्त एक के बाद एक बॉल डाल रहे थे..और हम लगातार बोल्ड होते जा रहे थे..समझिए नहीं पा रहे थे की इन दोनों का बॉल को आखिर खेले तो खेले कैसे 😉 कुछ भी बात बोलूं मैं, दोनों एक साथ टांग खीचना शुरू कर देते मेरा 😉 मैंने भी कोशिश बहुत की लेकिन अंत में अपनी हार स्वीकार कर ली मैंने..खैर, जब मिलूँगा दोनों से तो पूरा हिसाब होगा..पटना में कहाँ ई दुनू बच के जायेंगे हमसे…:P


हमने तो पटना में मस्ती करने का प्लान भी अभी ही फिक्स कर लिए 🙂 अगली बार पटना में जब हम तीनो मिलेंगे तो एक धमाल होगा, ये बात तो गेरन्टीड है 🙂 हम कल फोन पे पटना की पुरानी बातें याद कर रहे थे और फिर मिलने का प्लान भी बना रहे थे…फोन रखने के बाद भी सारी बातें दिमाग में एक मूवी की तरह चल रही थीं ..ऐसा लग रहा था की मैं, हमारी वो आने वाली मुलाकात को विश़ूअलाइज़ कर के देख रहा हूँ..अजीब सी खुशी हो रही थी कल रात..नींद तो गायब ही हो गयी थी 😉 कुछ मजेदार चटपटे किस्से जो कल स्तुति और प्रशान्त ने सुनाये, उन्हें जब याद कर रहा था तो एक मुस्कराहट सी आ जा रही थी चेहरे पे..बड़ी जद्दोजहद करने के बाद रात के २ बजे नींद आई और फिर सुबह 6 बजे उठ भी गया आज..सुबह चाय पीने गया तो सोच ही रहा था की ये ब्लॉग पे पोस्ट करूँ या नहीं…वैसे ही २-३ और ड्राफ्ट सेव हैं पोस्ट के लिए..फिर अचानक से अभी ब्लॉगर पे लोगिन किया और लिखना शुरू कर दिया 😉


वैसे अगर सुदीप या स्तुति ये पोस्ट पढ़े, तो कृपया बताने का कष्ट करें की फोन बिल कोंफेरेस का कित्ता आया 😉 😀



मेरी एक बहुत बड़ी प्रोब्लम ये है की मैं पुरानी यादों के साये में रहना पसंद करता हूँ…मेरी माँ ने एक बार कहा था मुझसे की ज्यादा पुरानी यादों,बातों के पीछे मत भागो..वो कुछ देर के लिए अच्छी अनुभूति देते हैं लेकिन तकलीफ भी होती है….पर मैं तो उन यादों में इसलिए जाता हूँ की कुछ खोयी हुई खुशियाँ ढूँढ सकूँ और कुछ देर के लिए तो सुकून से जी सकूँ.. 

लास्ट बट नॉट द लीस्ट..

Love You Shikha,Sudip,Stuti and Prashant 

Thanks for being there for me….THANKS FOR BEING MY FRIEND 🙂 LOVE YOU ALL 🙂


ऐसे फोन कॉल रोज रोज आये, यही दुआ करता हूँ 🙂

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20 COMMENTS

  1. :d :d :d
    u know tmse kitne dino baad maine baat ki thi.. 🙂 🙂

    evn i loved d conversation.. sudip pagal hai kasam se 🙂 🙂

    n tht isnt true friends.. main darpok nai hun 😡 😡 :d

    n acha lga sun ke prashant n stuti ki baatein 🙂 🙂

  2. dosto ki ek alag hi apni duniya hoti hai…fun masti maza apne dukh dard share karna apni baate kahna jitna easily hum apne dosto se kar sakte aur kisi se nahi…achcha laga aapki ye post padh kar aur ye jaan kar behad khushi hui ki aap bhi patna se hi hai…

  3. ई पटना वाले सब मिलकर गैंग बना रहे हैं क्या ? हैंएं ? देखो ज्यादा गुंडागर्दी नहीं करना… हम भी आजमगढ़ के हैं… नाम तो सुना होगा? आजकल तो बहुत चर्चा में रहता है 🙂
    बड़े मजेदार दोस्त हैं आपके… सब एक से बढ़कर एक.

  4. अरे आराधना जी, आप आजमगढ़ की हैं…हद ही हो गयी अब तो….
    मैं बता भी नहीं सकता कितने पुराने किस्से जुड़े हुए हैं हमारे…हम जब अपने इंजीनियरिंग पहले सेमेस्टर में थे तो एक मित्र अक्सर आजमगढ़ की कहानी सुनाया करता था..वो वैसे पटना का ही है लेकिन कुछ इमोसनल जुड़ाव है उसे.. 🙂

    कसम से एका-एक पुरानी वो बातें याद आ गयीं आजमगढ़ के नाम से 🙂

  5. wow ….i enjoyed each line of your post …life is like dark without friends and sometimes when you do nt see them around, you feel so alone ….i wish aise call aate rahein dost 🙂

    dont worry abt the phone bills, if they have vonage at home, it provides free call to 60 countries !!

  6. ही ही ही अरे तुम लोग जब बात कर रहे थे तो रिशा और मैं वहीँ पे थे
    चलो अच्छा है 🙂

  7. अभी सो क उठि हूँ मैं और ये पोस्ट को bukmark कर क रखा था कल रात में
    अभी तो पढ़ लिया par मुझे भी बात करनी थी conference पे 🙁

    और तुम तो दो दिन बात कर लिए एक दिन sudip aur shikha से और दूसरे दिन prashant jee n stuti jee से.. मुझे तो कितने दिन हो गए पे बात किये 🙁

  8. 🙂 बहुत दिनों से तुम्हारी कोई पोस्ट पढ़ा नहीं था, बुकमार्क करके रखे हुआ था.. आज एक एक करके सभी पढ़ रहा हूँ.. दफ्तर में आज फुरसत भी है..
    उस दिन तुमसे और स्तुति से हुई बात याद आ गई.. सच्ची में यार, मजा आ गया था.. 🙂

    @ आराधना, मेरा और अभिषेक का तो ब्लॉग से पहले का नाता है.. इससे ऑरकुट पर मिला था.. और स्तुति से भी ब्लॉग में नहीं, बज्ज में मिला हूँ.. सो ये लोग तो मेरे ब्लोगिया मित्रों में नहीं आते हैं.. सो ये पटना वालों का गैंग नहीं है डियर.. 🙂

  9. अरे, अभी देखा.. दिव्या मुझे कुछ अधिक ही इज्जत बख्स दे रही है.. "प्रशान्त जी" :D.. अरे यार, इतनी इज्जत कि आदत नहीं है, डर लगने लगता है कि सामने वाला इज्जत देकर हलाल करने के चक्कर में तो नहीं है.. 😀

  10. और हाँ, उस दिन हम पंकज को भी कांफेरेंस पर लेने का सोच रहे थे, मगर वह नहीं आ पाया था.. 🙁

  11. अरे मैंने कब तुम्हें कॉल किया? ऐसे ही बदनाम कर रही हो ..हा हा हा ..Just Kidding..वैसे बहुत मजा आया ये पोस्ट पढ़ कर ..और आखिरी लाइन ….:) लव यू वाली… मैंने भी ले ली 🙂

  12. हा हा हा 🙂 @शिखा जी, आपके ही नाम की एक बेवकूफ लड़की है…पहला कमेन्ट इस पोस्ट में उसी का है 😉 और वो भी लन्दन में ही रहती है 😉

    वाट ए कोइन्सिडन्स

  13. @शिखा दी…
    आपने ही तो कॉल किया था..आप भूल भी गयीं?
    उस समय तो मैंने युहीं कह दिया था की आपने नहीं कॉल किया 😛

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