हमारे जिंदगी में औरत के होने का महत्त्व..एक स्लाइड-शो

परसों शाम दो लोगों का एस.एम.एस  आया, दोनों ने एक ही एस.एम.एस किया था..वो एस.एम.एस तो इंग्लिस में था, और 4-5 लाइनों का था..वो मेसेज था ही इतना प्यारा की मैंने सोचा की एक पोस्ट कर दूँ उस एस.एम.एस के विषय में..

असल  में, ये एस.एम.एस हमारे जिंदगी में औरतों के महत्व को दर्शाता है..इस बात से हम इंकार नहीं कर सकते की औरत के कितने रूप हैं और वो हमारे जिंदगी के हर पल में, हर हिस्से में किस तरह से शामिल हैं.दुःख होता है देख के की आज कुछ लोग औरतों को सही सम्मान नहीं देते.वो भूल जाते हैं की औरतें माँ भी हैं,बहन भी..

शुरू से मेरे इर्द-गिर्द कुछ औरतें रही हैं, जिनसे मैं करीब रहा हूँ…मेरी माँ, मेरी मौसी, मेरी बहनें..दो मेरी सबसे अच्छी दोस्त, जिन्होंने मुझे हर पल सहारा दिया है….मैं समझ भी लेता हूँ उनकी बातों को आसानी से, वैसी बातें जो वो कहती हैं, और वैसी भी जो वो नहीं कह पाती मेरे सामने, उनके मन की बातों को अच्छे से जान लेता हूँ…अगर ये कहूँ(लोग इसका कुछ भी अर्थ लगा लें, मुझे उसकी कोई फ़िक्र नहीं) की मैं औरतों के मन की बात शायद थोड़ी बहुत जान लेता हूँ, तो ये गलत नहीं होगा…

बहुत ज्यादा कुछ नहीं कहूँगा, एक स्लाइड-शो बनाया है मैंने, अभी कुछ देर पहले…ज्यादा तड़क भड़क वाला या डिजाइनदार टाईप नहीं बन पाया इसलिए माफ़ी चाहूँगा, लेकिन वो एक छोटे से एस.एम.एस को मैंने थोड़े अलग रूप में दिखने की कोशिश की है..


उससे  पहले ये देखें, फिल्म “विवाह” का एक संवाद…कितना सही कहा गया है बेटियों के बारे में…

“कभी कभी सोचता हूँ, कितना अनोखा होता है बेटियों का संसार..जहाँ जनमती हैं, पलती हैं, बढ़ती हैं..वहीँ से जड़े समेट कर कहीं और पनपने के लिए चली जाती हैं…उनका अपना घर पराया हो जाता है और वे पराये घर की मालकिने बन जाती हैं..नन्ही नन्ही कलियाँ देखते ही देखते एक दिन जगत-जन्नियाँ बन जाती हैं…माँ बाप,भई-बहन..हर रिश्तों के लिए बेटियों के दामन में कितना प्यार होता है..घृणा होती है ये जानकर कीकुछ लोग बेटियों को बोझ समझते हैं..”


अब मेरा स्लाइड-शो 🙂

कुछ लोगों ने कल कहा की स्लाइड-शो चल नहीं रहा, मैं माफ़ी चाहता हूँ, पता नहीं क्यों नहीं चल पा रहा, इधर तो अच्छे से चल रहा है…वैसे मैं स्लाइड-शो में लिखी बातें नीचे भी पोस्ट कर दे रहा हूँ…

जब  मैंने पहली बार आँखें खोली..मेरा जब जन्म हुआ..
एक औरत थी मेरे साथ हर पल, हर वक्त…
मुझे इतना प्यार दिया, जीवन के आदर्श सिखलाएँ..
हाथ पकड़ के चलना सिखलाया, सही रास्ता दिखलाया..
हर कदम मेरे साथ…हर पल मेरे पास रही वो..
जिसने मुझे ये यकीन दिलाया की मैं कितना अच्छा,
कितना काबिल हूँ..

उसका साया हर पल मेरे साथ चलता है. 

-मेरी माँ 

जब मैं थोडा बड़ा हुआ…
मेरे साथ खेलने के लिए, मेरे आंसू पोछने के लिए,
   मुझे सारे जहाँ की खुशियाँ देने के लिए..
मेरा ख्याल रखने के लिए, मेरी दोस्त बनने के लिए
शरारतों में मेरा साथ देने के लिए,
प्यार का एक अलग अहसास देने के लिए,
कोई थी मेरे साथ, वो अब भी हर लम्हा साथ है..
— मेरी बहन 
 जिंदगी की बातें, कुछ सीखने के लिए जब पढने गया..
एक औरत थी, जिसने मुझे कितने ही नए पाठ पढाएं..
जिसने मुझे एक अच्छा इंसान बनाया..
जिंदगी में कुछ हासिल करने की प्रेरणा दी..
जिन्होंने ये बताया की सही और गलत क्या है..
गलत होने पे उनसे मार भी खाया,
और बेशुमार प्यार भी पाया…
उनसे सीखी हर छोटी बातें आज मेरा हौसला बढ़ाती हैं..
जिंदगी जीने के कितने ही सबक सीखे..
वो बातें भुलाये नहीं भूलूँगा कभी…
जिनसे सीखा मैंने इतना कुछ, वो थी..
– मेरी टीचर, मेरी अध्यापिका,..
जब  जिंदगी के आपाधापी से परेशान हुआ..
एक औरत थी मेरे साथ, मुझे सँभालने के लिए,
जिसने हर मुश्किल दिनों में साथ दिया, सहारा दिया..
जिसके कंधे पे सर रख मैं कभी रो भी लेता था..
जब भी मैं इस दुनिया से हारकर तनहा बैठता,
वो रहती मेरा हौसला बढ़ाने के लिए..
जिंदगी में वो है तो कुछ गम नहीं…
वो जो हर पल मेरे साथ, मेरे पास है..
– मेरी खूबसूरत दोस्त..
जब  किसी की साथ की जरूरत महसूस हुई..
एक औरत थी मेरे साथ, मुझे प्यार देने के लिए..
जो मेरे साथ मेरी जिंदगी की हमसफ़र रही….
जिसने मुझे कभी अकेला रहने नहीं दिया
जब कभी थक हर के बैठता था..
उसने मुझे आगे बढ़ने की हिम्मत दी..
मेरे संग चलती रही हर राह..
उसके होने से ये अहसास हुआ की जिंदगी कितनी हसीन है..
जिसने मुझे प्यार करना सिखाया…
– मेरी पत्नी..



जब  इस बेरहम दुनिया ने मुझे कठोर बनाया..
 
जब जिंदगी जीने के क्रम में,
दुनिया से लड़ते लड़ते..
मैं कठोर बना..
एक प्यारी सी बच्ची,
 मेरे उस कठोर दिल को पिघला के,
फिर से एक जिंदगी दी मुझे..
उसके साथ खेलते खेलते,
मुझे मेरा बचपन वापस मिला..
वो मासूमियत से फिर एक बार परिचय हुआ..
उसके आने से जिंदगी में रौनक आई,
बहार आई…
वो जो मेरे घर में लक्ष्मी,सरस्वती का रूप के आई..
 – मेरी मासूम प्यारी बेटी..
अब जब कुछ चंद साँसें बची हैं
एक औरत अब भी है,
जो मुझे अपने दिल में समेट लेना चाहती है…
जो मुझसे बहुत प्यार करती है,
और मैं जिनपे मरता हूँ…
वो जिसके कण कण में जिंदगी बसी है…
वो जिसके दामन से अच्छा कोई और साया नहीं…
वो, जिसके पास बस अब चंद पलों में मैं जाने वाला हूँ..
वो जो मुझे अपने दामन में समेट लेंगी..
                                          -मेरी मातृभूमि,……..मेरी भारत माँ

 

  औरतों को सम्मान दें, उनकी इज्जत करें 
 की ये बीवी भी हैं, बहन भी और माँ भी …

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  1. मित्र पोस्ट पढ़कर लगा की अच्छा लिखते ही नहीं अच्छे विचारों के धनी भी हो ….आपका लिखा विचारणीय है ,,,,SLIDE SHOW अभी नहीं चल पा रहा ….कुछ समय बाद फिर से प्रयास करता हूँ

  2. nari ke vishay me apne vichar kafi mel khate hai. mai aapki bhawnao ko achchhi tarah samaz sakta hoo. yadi samagrata se aaklan kiya jaye to hamare desh me nario ke samman me khi koi kmi nhi rahti.kuchh apwad hai ve bhi paramparao ke karan matr gramin chhetro me.

  3. nari ke vishay me apne vichar kafi mel khate hai. mai aapki bhawnao ko achchhi tarah samaz sakta hoo. yadi samagrata se aaklan kiya jaye to hamare desh me nario ke samman me khi koi kmi nhi rahti.kuchh apwad hai ve bhi paramparao ke karan matr gramin chhetro me.

  4. @समीर सर, राजेन्द्र जी..
    पता नहीं क्यूँ नहीं चल पा रहा है स्लाईड शो..
    मेरे लैपटॉप में अच्छे से चल रहा है..उधर क्या दिक्कत आई कह नहीं सकता 🙁

    वैसे मैंने स्लाईड शो में जो भी है वो पोस्ट कर दिया है ब्लॉग पे भी…अपडेट किया है, शायद अच्छा लगे आपको 🙂

  5. औरत को सही मायने मे इज़्ज़त देने पर समाज का एक नया रूप दिखेगा..बहुत खूबसूरत तरीके से आपने अपने विचार रखे. स्लाइड शो नहीं चल पा रहा लेकिन उन्हें पढ़ कर आभास हो रहा है कि आपने बहुत मेहनत की होगी.. आभार

  6. ज़िन्दगी के रंग पर क्लिक करने पर दूसरे पेज पर स्लाइड शो देखी जा सकती है.. बहुत खूबसूरत

  7. wow bro….appreciative work bro…ur thought inspire me n motives ppl like me to think in a vry positive n fruitfull way…thanks 4 supplying these gud thoughts in d market whn we ppl r in need of it… thnks n wonderfulll!!!!!!!!!!

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