चाइनीज़ टैग – दोस्तों के डिमांड पे

मेरे कुछ ब्लॉगर दोस्तों को टैग लगाने की बीमारी हो गयी है.और वो ये भी चाहते हैं की मैं भी टैग लागों उनके नाम पे.आज ही सुबह एक दोस्त से फिर से धमकी मिली मुझे.अब तो लगाना ही परेगा टैग नहीं तो कोई उपाय भी नहीं बचने का 😀  वैसे ये टैग करने वाला काम तो मुझे बच्चों जैसा लगता है फिर भी कुछ दोस्तों के अनुरोध पे आज टैग कर ही देता हूँ… 😉 
 लेकीन उससे पहले कुछ बताना चाहूँगा, 
मेरी एक ख़राब आदत है की मैं सपने बहुत देखता हूँ.इस चक्कर में कुछ लोग ये कहने से भी नहीं चुकते की “अभिषेक भाई, सपने कम देखा करो…हकीकत में जीना सीखो”. लेकीन मैं करू भी तो क्या?, अभी आज सुबह की ही बात बताता हूँ..जब सुबह सो के उठा तो बेहद ही अच्छा महसूस कर रहा था मैं.बड़ी अच्छी नींद आयीं, सुबह उठने के बाद भी बड़ी देर तक वही सपने की आगोश में रहा जो मैंने रात देखा था..जो लोग अब ये सोच रहे हैं की सपना किसी लड़की के बारे में था, गलत सोच रहे हैं 😛  रात के सपने में मेरे कुछ ख़ास दोस्त थे और कुछ परिवार के लोग.अब सपना क्या था ये कैसे बता दूँ बस येही समझ लीजिये की वो सपना सच हो जाये मैं बस यही कामना करता हूँ. मैंने अक्सर ये देखा है, जब भी रात कोई बेहद खूबसूरत सपना मेरी आँखों में आता है तो पता नहीं कैसे मेरा पूरा दिन बड़ा ही सफल रहता है.दिल में एक अलग तरह की ख़ुशी रहती है(वैसी खुशी जो कभी कभी होती है).आज भी लगभग जितने काम थे मेरे वो बड़े ही अच्छे से पुरे हुए.दिन भर बड़ा ही अच्छा महसूस कर रहा था.
खैर,

अब बिना वक़्त बर्बाद किये टैग देख लीजिये आप लोग.
(अपनी मित्र स्नेहा के ब्लॉग से ये टैगींग का आईडिया चुराया है, जिसे उन्होंने चाइनीज़ टैग का नाम दिया,अब ये नाम क्यों है ये मैं नहीं जानता..वैसे जानने को है भी क्या इसमें..आप तो बस टैग देखिये)

8 टी.वी चैनल जो मैं देखता हूँ.
एम.टी.वी 
सोनी टी.वी 
आइ.बी.अन सेवन 
डिस्कवरी
टाइम्ज़ नाउ
जी क्लासिक
स्टार गोल्ड 
इ. एस.पी.एन/स्टार स्पोर्ट्स 

8  ऐसी फिल्मे जिन्हें मैं बार बार देखना चाहता हूँ
हम साथ साथ हैं
हम आपके हैं कौन
आरज़ू(राजेंद्र कुमार वाली)
विवाह
पूरब और पश्चिम
चुपके चुपके(पुरानी वाली)
गाइड
आनंद

8 ऐसे दोस्त जिनपे मैं खुद से भी ज्यादा भरोसा करता हूँ..
प्रभात
अकरम
समित
दिव्या
शिखा
मनीष सर
मुराद
मती

8 ऐसे लोग जिनसे मैंने बहुत कुछ सीखा है
वरुण गोएल
मती
प्रशांत प्रियदर्शी
मुराद अली
दिव्या सिन्हा
सुदीप
प्रभात वर्मा
रिया वर्मा



रेस्ट्रान्ट/कोफ़ी हाउस जहाँ जाना मुझे अच्छा लगता है
रितिका (ये रेस्ट्रान्ट वहां है, जहाँ से हमने इंजीनीयरिंग की पढाई की..हालाँकि वो इलाक़ा थोडा छोटा था, और रेस्ट्रान्ट भी लेकीन यकीन मानिये इससे बेहतर खाना मैंने आज तक कहीं नहीं खाया.)
कैसिनो (बंगलोर में)
सी.सी.ड़ी 
रीलाइअन्स कोफ़ी शॉप(बंगलोर में कनिंगहम रोड वाला) 
के .एफ .सी
बावर्ची(हैदराबाद का)
एल्फा (हैदराबाद का)
बीजींग बाइट

8  ऐसे खाना जो मुझे बेहद प्रिय है 
पनीर 
गाजर का हलवा
सेवईलिट्टी 

ग्रिल  चिक्केन
परोठा-नेनुआ की सब्जी
आलू के पराठे
रोटी/पराठे – चना दाल(लेकीन अच्छे से बना रहना चाहिए) 😀

8  ऐसे जगह जहाँ मैं अपनी छुट्टियाँ बिताना चाहूँगा
बेगुसराय (मेरा गाँव)
ब्सवकल्याण(जहाँ से मैंने इंजीनीयरिंग की )
हैदराबाद 
जम्मू -कश्मीर(पूरा)
कुर्ग 
पटना( मेरा शहर, लेकीन शर्त ये है की मेरे दोस्त भी रहे उस समय वहीँ)
उदयपुर (काफी सुन रखा है इस शहर के बारे में)
दार्जलिंग
   
8  ऐसे लोग जिनके ब्लॉग मैं हमेशा नियमित रूप से पढता हूँ.
प्रशांत प्रियदर्शी – मेरी छोटी सी दुनिया
स्नेहा भट्ट- RENDEZVOUS and  DIVINE SECRETS OF SEPO-VANDY SISTERHOOD
निधि  माथुर – AS I LIKE IT
सुप्रिया – BEING WHAT I ALWAYS WANTED TO
उमा – UMA’s CULINARY WORLD
पंकज उपाध्याय- मेरे विचार, मेरी कवितायें
प्रिय सिंह – स्पर्श
नीरज- मुसाफिर हूँ यारों


3 ऐसे दोस्त जिनकी कमी मुझे सबसे ज्यादा खलती है
समित
दिव्या
प्रभात

1  ऐसा कुछ जो मैं सबसे ज्यादा miss  करता हूँ
युसूफ चाय दुकान (जहाँ से हमने इंजीनीयरिंग किया, वहीँ एक छोटा सा चाय दुकान था, जहाँ हम लोग दिन भर लगभग बैठे रहते थे और गप्पे लड़ते रहते थे…इसकी बात अगले पोस्ट में)
  

चलिए बहुत आलतू-फालतू गप्पे हो गयीं..लेकीन क्या करूँ ऐसे फ़ालतू काम करके कभी हंसी भी आती है और कुछ याद भी…. 🙂

(अगर मेरे कोई दोस्त अपना नाम इस टैग में नहीं देखें तो ये मत समझें की मैं उनकी इज्जत नहीं करता या उनपे भरोसा नहीं करता…वो भी मुझे उतने ही प्रिय हैं जितने ये लोग.)

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  1. अन्ग्रेजी ब्लाग्स मे मैने काफ़ी टैगिग देखी है जो हिन्दी मे उतनी नही दिखती.. अच्छा विषय लेकर आये हो.. और गाईड तो हमारी भी फ़ेव मूवी है.. इन टैग्स से तुम्हारे बारे मे और जानने को मिला.. अच्छा लगा.. 🙂

  2. bahut kuch jaan ne mila aapke baare me.. mujhe bhi purani aarjoo aur chupke chupke ache lagte hai..

    saath hi khushi hui mere blog ka naam is post me padhke..

    aasha karti hoon ki aapka sapna jald hi pura ho 🙂

  3. thanks abhishek for mentioning my name here
    as u know i dont publicize my blog..its only for some few members.i wsnt knowing u read my blog regularly cz i dnt really see ur comments everyday 😀 lolz

    and i liked this post 🙂

  4. चुपके चुपके तो अपनी भी फेवरेट है.. नीरज पंकज और प्रश्नात तो अपने भी खास है..
    टैगिंग बढ़िया रही..

  5. aha!! thanks
    for tagging me in 3 categories

    mast raha ye tag….waise to mujhe bahut si cheze pata thi but still it was good.

    bahut mast wala post tha ye

  6. वाह अभिषेक ! मजा आ गया पढ़ के. तुम्हारे बारे में तो ये शिखा बक-बक करते ही रहती है. जब कभी ये मूड में आ जाती है तो केवल अपने पटना के दोस्त के बारे में ही बातें करती है.
    और हाँ आनंद,चुपके-चुपके फिल्म मेरी भी फेवरिट है.
    एक बात और, मुझे भी गाजर का हलवा बहुत पसंद है. 🙂

    और हाँ, ये लो शिखा के तरफ से मैं ही कमेन्ट कर देती हूँ..वो बगल में ही बैठी है और तुम्हें थैंक्स बोल रही है. साथ ही शिकायत है की दिव्या का नाम एक से ज्यादा category में है. 😉

    और रिशा भी तुम्हें हेल्लो बोल रही है.

    ख्याल रखना अपना अभिषेक. और ये टैगिंग अच्छी रही. बहुत अच्छी

  7. @प्रीती दी…उसे(शिखा) को बोलिए की थोडा आलस कम दिखाए और खुद से कमेन्ट करे तो थोड़ी बहुत सुनवाई हो सकती है उसकी शिकायत पे…और आप क्यों बेवजह आलसी लोगों के काम करती रहतीं हैं 🙂

  8. bhaiya ….. thanx alottt … tag karne k liye … !!!! 🙂

    mujhe nahi pata k maine aisa kya kiya hai …. jis kaam se kuch seekhne ko bhi mil sakta hai …. par thanx for this honour … !! 🙂

    even maine aapse bahut kuch seekha hai …. jo main shyd ache se xplain bhi nahi kar sakta …!!!

    takecare …

    VARUN

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