दिल में दर्द, चेहरे पे ख़ुशी

फिल्म श्री 420 में जब नर्गिस ने राज कपूर से ये सवाल किया कि “तुम ये मसखरों जैसी हरकत क्यों करते हो”, तो राज कपूर ने बड़े सहजता से जवाब दिया, “इस दुनिया को सीधा देखना हो तो सर के बल खड़ा होना पड़ता है, या ये समझ लीजिये कि दुनिया को हँसाने और खुश करने के लिए मैंने अपने मुह पे ये नकली चेहरा लगा रखा है,पर सच पूछिए तो ये दिल का दर्द और आँखों के आंसू छुपाने के लिए ये मसखरे का भेष बड़े काम कि चीज़ है.”



पहले जब मैंने ये फिल्म देखी थी तो इस संवाद पे ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन अभी कुछ दिनों पहले जब ये फिल्म दोबारा देखी मैंने तो लगा कि जैसे मेरी ही बात कह दी हो राज कपूर ने.अक्सर लोगों को ये ग़लतफहमी हो जाती है कि, हर आदमी जो  हंस रहा है, मजाक कर रहा है वो खुश है..कभी कभी ऐसा भी होता है कि हम अपने अन्दर के दर्द को छुपाने के लिए ये नकली मुस्कान चेहरे पे लिए फिरते हैं…लोग ये समझते रहते हैं कि हम खुश हैं लेकिन हम तो अन्दर ही अन्दर रोते रहते हैं…इसमें लोगों कि कोई गलती नहीं है, लोग वही सोचेंगे जो वो देखेंगे..


ये हमारे हालात कि गलती है..जिंदगी हमेशा आसन तो होती नहीं, जिंदगी में हर तरह के पथराव आते रहते हैं..कुछ लोग होते हैं जो हमेशा ये जताते फिरते हैं कि उन्होंने ही सब कुछ सहा है जिंदगी में, सबसे ज्यादा कठिनाइयाँ उन्होंने ही देखी है…ऐसे लोग तरक्की कर भी लें लेकिन कभी एक अच्छे और संवेदनशील इंसान नहीं कहे जायेंगे..मुझे ऐसे लोग पसंद नहीं आते…वो हर वक़्त जताते फिरते हैं की आपसे ज्यादा दुःख उन्होंने भोगा है आपसे ज्यादा तकलीफ उन्होंने झेली है..वहीँ बहुत लोग ऐसे भी हैं जो अपने दुःख को छुपा के दूसरों कि खुशी,दुःख में शरीक होते हैं…लोग उनके गम का अंदाज़ा भी नहीं लगा पाते..वो हमेशा हँसते रहते हैं और लोग समझते हैं की इसे कोई गम नहीं…जबकि वो हर दिन अपने गम से अपनी तकलीफ से लड़ रहा होता है….जिंदगी जीने का सही अंदाज़ ऐसे लोग ही जानते हैं….


मेरे कहने का बस यही मतलब है और यही उद्देश्य है कि अगर आप एक पल को खुद कि तकलीफ भुला के दूसरों के सुख,दुःख में शामिल हों तो आपको थोड़ी खुशी मिलेगी ही लेकिन दूसरों को अधिक ख़ुशी मिलेगी…और कुछ पल के लिए शायद आपका गम भी कम हो जाए 🙂  


ये पोस्ट मैं क्यों लिख रहा हूँ ये मुझे भी नहीं पता…अभी वो फिल्म देखी तो सोचा कुछ लिख दूँ…..

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  1. abhishek
    jo bhi tumne kaha is perfectly right lekin mujhe lag raha hai tum kuch paresan ho aajkal.

    dont worry abhishek.. things will be fine…..

    take care

  2. yupz you are right…there r sum ppl who thinkz they hv seen d real life n bla bla bla….

    mujhe bhi irritation ho jti hai aise logon se….but thts life u know 🙂

  3. मेरा अनुभव तो यही रहा है कि जो सबसे अधिक हँसते हैं वह सबसे अधिक दुखी हैं..

  4. बहुत सही लिखा है अभि…पूरी तौर से सहमत हूँ…| वैसे भी अपने दर्द, अपने गम या तो खुद जानो या फिर जो अपने बहुत ही अपने हैं, वो जाने…| दुनिया के आगे दर्द की नुमाइश लगाना उचित नहीं…|
    कही पढ़ा था…अगर हँसोगे तो दुनिया साथ हसेगी, रोओगे तो अकेले रोओगे…| तो फिर क्यों न सब के साथ हँस के जी लिया जाए…???
    बहुत प्यारी पोस्ट…|

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