होली आई … होली आई….

अब बस ३ दिन रह गए हैं होली में.इस बार तो होली मनाने मैं भी अपने घर जा रहा हूँ.सुबह ९ बजे की ट्रेन है मेरी…तो सोचा क्यूँ न जाने से पहले आप लोगों को होली की मुबारकबाद देता चलूँ..


होली के बहुत से अच्छे और खूबसूरत यादें हैं मेरे पास.पहले जब हम बच्चे थें.सुबह उठने के साथ ही रंग खेलने निकल जाते थे अपने दोस्तों और अपने भाई-बहनों के साथ..जब तक ये तसल्ली न हो जाती थी की हमने अच्छी खासी होली खेली है, तब तक तो घर वापस आने का नाम ही नहीं लेते थे हम…उस वक़्त की होली की हर छोटी बड़ी बात अब भी बखूबी याद है..उस वक़्त दिमाग में किसी भी प्रकार की चिंता नहीं थी..अब तो क्या बताएं, सुकून के २ पल भी नहीं मिलते कभी कभी..काम-काज और बाकी चीजों में दिमाग भी इतना ज्यादा व्यस्त हो गया है की क्या कहें…अब  वैसा मजा नहीं आ पता होली के इस त्योहार में, जैसा मजा बचपन में आया करता था…लेकिन फिर भी होली तो अपने आप में एक बहुत ही विशेष और महत्वपूर्ण त्यौहार है.और सबसे बड़ी बात ये की होली हमें हर कुछ भुला के एक ही रंग में रंगने के लिए प्रेरित करता है..ये गीत भी तो यही कह रही है…


होली के दिन दिल खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते हैं
गिले शिक़वे भूल के दोस्तो दुश्मन भी गले मिल जाते हैं”


इस बार होली में घर जाने की ख़ुशी थोड़ी और भी है, क्यूंकि बहुत से ऐसे लोग हैं जिनसे मैं काफी दिनों बाद मिलूँगा, मेरे २-३ दोस्त भी घर आ रहे हैं होली पे, अच्छी रहेगी होली इस बार की मेरी, यही उम्मीद कर रहा हूँ.मेरा सबसे अजीज मित्र “प्रभात” भी इस बार होली में आ रहा है…अंतिम बार साल २००४ के होली में मैं और प्रभात एक साथ पटना में थे.इसलिए थोडा उत्साहित सा हूँ की मैं होली में घर जा रहा हूँ…


आप लोगों को भी होली की बहुत सारी बधाइयाँ….दुआ है की आप लोगों की की होली भी एक यादगार, ना भुलाने वाली होली बने….चलते चलते ये कविता सुनते जाते हूँ जो हरिवंशराय बच्चन जी ने लिखी है


घूमेगा जग राह-राह में
आलिंगन की मधुर चाह में,
स्नेह सरसता से घट भरकर, ले अनुराग राग की झोली!
विश्व मनाएगा कल होली!

उर से कुछ उच्छवास उठेंगे,
चिर भूखे भुज पाश उठेंगे,
कंठों में आ रुक जाएगी मेरे करुण प्रणय की बोली!
विश्व मनाएगा कल होली!

आँसू की दो धार बहेगी,
दो-दो मुट्ठी राख उड़ेगी,
और अधिक चमकीला होगा जग का रंग, जगत की रोली!
विश्व मनाएगा कल होली!



 हैप्पी होली…..:)  बुरा न मानो होली है….. 🙂 होली की सुभकामनाएँ…:)

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  1. happpiee holi.. happiee holi.. 😉
    gud..prabhat ke sath holi kheloge.. :d

    wish u very colourful and cheerful holi 🙂

    preeti di ka bhi comment.. Wah kya baat hai 🙂 :d

  2. aapko bhi holi ki subhkamnayen …
    Hariwans rai bachhan wali kavita kafi pasand aayi..
    Hum aasha karte hain ki apka ye holi achha rahe..

  3. @रमेश जी,
    सुक्रिया..

    @प्रीती दीदी , आपने ब्लॉग पढ़ा उसके लिए धन्यवाद…

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