आज एक अच्छा दिन रहा

सोचा था मैंने की एक नयी कविता आज यहाँ पोस्ट करूँगा, कविता तो कुछ ख़ास नहीं बन पायी है, कोशिश कर रहा हूँ की कविता और बेहतर बने ताकी यहाँ पोस्ट करूँ उसे.

आज कल ना तो ऑरकुट पे नाही फेसबुक पे कोई ऑनलाइन मिलता है मुझे, दिन काफी ज्यादा उबाऊ सा हो जाता है.आज दिन में काफी दिनों बाद मेरी बातचीत मेरी एक बहुत ही अच्छी दोस्त तृप्ती से हुई.काफी अच्छा लगा उससे बात करके.उसकी आजकल तबियत थोड़ी ख़राब चल रही है,तो बस येही दुआ है की वो जल्दी से ठीक हो जाए,मैं इस ब्लॉग के माध्यम से ये बताना चाहूँगा की मेरे लिए मेरी दोस्त तृप्ती की बहुत ज्यादा अहमियत है.वो कुछ ऐसे ख़ास लोगों में से है जिनकी मैं बहुत ही ज्यादा इज्ज़त करता हूँ.और वो हर मायने में एक बहुत ही प्यारी और अच्छे विचारों वाली लड़की है.. 🙂 

दिन  में वैसे तो आज मुझे कई काम थें, लेकिन सारे काम समय से पहले ही पुरे हो गए.ऐसा कम ही होता है मेरे साथ.दिन भर मन भी काफी हल्का और अच्छा रहा.

आमतौर पे शाम मेरी थोड़ी बोझिल सी, उदास सी रहती है.आज कुछ ख़ास काम था नहीं, तो सोचा की कहीं बाहर घुम आऊं..अपने मित्र राहुल को फ़ोन किया और कहा की तैयार हो जाइये, हमें कहीं जाना है.फिर हम लोग निकल गए Sigma Mall, सोचा की १-२ नयी टी-शर्ट खरीद लूँगा वहां से , लेकिन जो टी-शर्ट पसंद आ रहे थे वो काफी महंगे थे…और जो सस्ते थे वो पसंद ही नहीं आ रहे थे.ऊपर से Discount Season ख़त्म हो गया, किसी भी सामान पे discount नहीं था.बहुत सोचा की कोई सस्ती टी-शर्ट ले लूँ, लेकिन कोई पसंद ही नहीं आई.फिर सोचा चलो यार जो पसंद आ रहे हैं वही ले लेते हैं, थोड़े महंगे हैं तो क्या.लेकिन फिर ख्याल आया की होली भी नज़दीक है, और पैसे अभी ही खर्च करना कोई समझदारी नहीं..तो हमने सोचा की अपने कॉलोनी से ही १-२ अच्छी टी-शर्ट ले लेंगे..येही सोच के हम दोनों वहां से निकल गए Reliance Digital की ओर..Reliance Digital बंगलोर में मेरी पसंदीदा जगह में से आती है.किताबें,सी-डी,फिल्मे, और भी बहुत कुछ एक ही जगह पे मिल जाते हैं..अन्दर का माहौल भी बेहद सुखद है.१-२ घंटे कैसे बीत जाते हैं पता ही नहीं चलता..एक से बढ़कर एक किताब मौजूद रहती है.बस आराम से बैठ जाईये और पढ़ते रहिये.
वहीँ Reliance Digital में ही एक Reliance Coffee shop है.वहां मैं इतनी बार जा चुका हूँ की वहां सारे लोग भी मुझे पहचान गए हैं..आज भी करीब २ घंटा वहां बिताया हमने, बहुत सारी अच्छी अच्छी बातें हुई हमारे बीच, कभी पटना की कुछ बातें, कभी घर के कुछ किस्से.हवा भी इतनी अच्छी चल रही थी आज की वहां से उठने का दिल ही नहीं कर रहा था.वहीँ बैठा हुआ था, थोड़ी देर बाद वहां एक couple आके हमारे बगल वाले कुर्सी पे बैठ गए.उन्हें देख के तो ऐसा प्रतीत हो ही रहा था की वो काफी आधुनिक विचार के हैं,कुछ ही देर बार उन्होंने cigarette पीनी शुरू कर दी, ऐसा नहीं की मैं किसी लड़की को पहली बार cigarette पीते हुए देख रहा था..लेकिन सच कहूँ तो जब भी किसी लड़की को cigrarette पीते हुए देखता हूँ तो दुःख होता है और गुस्सा भी काफी आता है.राहुल और मैं इसी विषय पे बात भी कर रहे थे की आजकल आधुनिकता के नाम पे पता नहीं क्या क्या लोग करने लगते हैं.मुझे बुरा लगता है जब लोग ऐसी ऐसी हरकते करने लगते हैं.मुझे तब भी बुरा लगता है जब कोई भी बिना वजह हर जगह अंग्रेजी बोलते फिरता है, मानो की वो विदेश से आया है और उसे हिंदी आती ही नहीं.मैं ये मानता हूँ की जहाँ आवश्यकता है वहीँ अंग्रेजी का प्रयोग किया जाना चाहिए.

खैर जो भी हो, हमें वहां बैठे काफी देर हो गयी थी और मुझे और राहुल को टी-शर्ट भी लेनी थी, तो हम लोग वहां से सीधा अपने कॉलोनी में आ गए.MegaMart नाम की एक दुकान है, मेरे रूम से थोड़ी ही दूर पे.वहां गया तो दिल खुश हो गया, १९९,२९९,,३९९ के टी-शर्ट मौजूद थे.करीब ३० मिनट लग गए हमें ये तय करने में की कौन सा टी-शर्ट लें हम.फिर काफी सोच विचार कर हमने टी-शर्ट ली,और वापस घर आ गए.

सच कहूँ तो काफी दिनों बाद आज का ये दिन काफी अच्छा रहा मेरे लिए…अच्छा लगा..!!

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  1. दोस्त, बढ़िया है जो तुमने अच्छी शाम बिताई.. होली में पटना का प्लान हो तो बताना.. मिलेंगे पटना में.. 🙂

    वैसे सिगरेट पीती लड़कियां!! अच्छा विषय है.. घबराओ मत हम इस पर कुछ नहीं लिखने वाले हैं.. हम तो खुद इस गिल्ट में जी रहे हैं कि मुई कब जान छोड़ेगी, या जान लेकर ही छोड़ेगी!! सनद रहे कि पिछले वाक्य में "गिल्ट" शब्द का प्रयोग है.. 🙂

    वैसे हमें इस पर कोई ऐतराज नहीं है कि लड़कियां सिगरेट क्यों पीती है.. अगर कभी ऐतराज होगा तो दोनों पर कि लड़के और लड़कियां सिगरेट क्यों पीती हैं..

    इस विषय पर तीन किस्तों में "मनीषा पांडे" जी ने बहुत बढ़िया लिखा था.. कभी मौका मिले तो पढ़ना.. उनका लिंक नीचे लगाए जाऊंगा.. 🙂

    वैसे कभी मौका मिले तो उनके सभी पोस्ट पढ़ना.. अगर नाईट आउट नहीं करा दिया फिर कहना.. पढ़ने के बाद रात में नींद नहीं आने कि बीमारी लग सकती है.. वैसे हम उनके पोस्ट पढ़ कर किस्तों में नाईट आउट करते हैं.. 🙂

    पार्ट १
    पार्ट २
    पार्ट ३

    वैसे कभी किसी फाईट में किसी से हिंदी में बात करके देखना, लोग किसी दूसरे गृह का प्राणी समझ बैठते हैं.. एक-आध किस्सा अपने भी मशहूर हुए हैं विमान यात्रा के.. 😉

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