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Yearly Archives: 2010

कुछ पुरानी यादों के नशे में(१२) – जाड़े का मौसम

तुम पास आये, यूँ मुस्कुराए..तुमने न जाने क्या सपने दिखाए.. अब तो मेरा दिल जागे न सोता है..क्या करूँ हाय..कुछ कुछ होता है..कुछ कुछ होता...

मॉल में एक दिन

मन्त्री मॉल, बैंगलोर का फ़ूडकोर्ट  मुझे मॉल में घूमना बहुत पसंद है..मॉल ज्यादातर जाता हूँ तो उस जगह जाना पसंद करता हूँ जहाँ बिना ज्यादा...

हैदराबाद की यादें : २

समित बाबू और शेखर बाबू ने हैदराबाद वाली पोस्ट की खूब तारीफें की.दोनों को हैदराबाद में बिताए अपने दिन याद आ गए...दोनों की प्रतिक्रिया...

हैदराबाद की यादें

हुसैन सागर लेक - हैदराबाद..इस शहर कि पहचान इससे भी है हैदराबाद हमेशा से मेरे लिए खास शहर रहा है.वहां कि बात ही कुछ और है,...

अम्बानी के महंगे घर में उनका एक दिन

अमीरी भी कितनी मुसीबतें साथ लाती है, देखिये इस पोस्ट में. दो दिन पहले प्रियंका गुप्ता जी का एक ई-मेल आया था, उसी को...

दोस्तों की दादागिरी

पिछले इतवार की ही बात है.मेरी दोस्त निधि माथुर का बैंगलोर आना हुआ..वो दिल्ली में कार्यरत है और कुछ काम के सिलसिले में बैंगलोर...

खेलें हम जी जान से – मेरी नज़र से

आजादी की लड़ाई के कई ऐसे गुमनाम शहीद रहे हैं, जिन्हें या तो हम भूल चुके हैं या फिर अधिकतर लोगों को उनके बारे...

Those Rains Were Special (बरसात के वो दिन)

आज एक कविता देखिये, जिसे मैंने अंग्रेजी में लिखा था और पोस्ट किया था अपने दूसरे ब्लॉग "एहसास प्यार का" पे..फिर उसे किस खूबसूरती...

अकेलापन – घबराना क्यों?

दो दिन पहले मेरी दोस्त कीर्ति का जन्मदिन था.फोन किया उसे जन्मदिन की मुबारकबाद देने के लिए तो पाया उसके आवाज़ में वो उत्साह...

निर्मल सुख

(फिर से डायरी से निकला एक पन्ना, इस बार निर्मल वर्मा के किताबों से कुछ जो मैंने कभी नोट कर के रख लिया था..अलग...