दिदु की कवितायें

Monday, October 31, 2016
पत्थर से जो टूट जाए, वो शीशा हम नहीं माना कुछ ख़ास हो तुम पर हम भी कम नहीं - प्रियंका गुप्ता  किसी भी इंसान के लिए एक बड़ी बहन बहुत ...

जहाँ एकांत है

Friday, October 14, 2016
रोज़मर्रा की भागदौड़ से परेशान होकर हम सब ये कभी न कभी तो चाहते ही हैं कि कहीं दूर चल दिया जाए जहाँ ये सब परेशानियाँ, भागदौड़ न हो और सिर्फ शा...
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