राखी पर मिला बहनों का प्यार...कार्ड, सिल्क और बर्फी

Saturday, August 29, 2015
इससे भी बेहतर सुबह राखी की क्या होगी? कल रात तक ये अफ़सोस रहा कि इस साल किसी का राखी पहुँच नहीं सका मेरे पास. मैं भी इस साल बहुत अरसे के बाद...

गांधी संग्रहालय पटना में एक दिन

Sunday, August 23, 2015
बड़े दिनों से दिल कर  रहा था लेकिन कभी मौका नहीं मिल पा रहा था, इस बार फिर से अपने उसी दोस्त के साथ पटना के गांधी मैदान स्थित गांधी संग्रह...

मेरी कहानी मेरे साथ खत्म हो जाएगी - कलाम साहब की कहानी गुलज़ार की ज़ुबानी

Tuesday, August 18, 2015
हज़ारों साल नरगिस अपनी बेनूरी पे रोती है  बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावार पैदा...  सच ही तो है न...जब तक कोई दीदावार न हो.....
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