गली क़ासिम में आकर

Saturday, December 27, 2014
गली क़ासिम में आकर , तुम्हारी ड्योढ़ी पे रुक गया हूँ मिर्ज़ा नौशा तुम्हे आवाज़ दूँ , पहले , चली जाएँ ज़रा , परदे में उमराव , तो फिर अंदर कदम र...

कविताएँ ही नहीं, खूबसूरत रिश्ते भी रचती हो तुम...

Saturday, December 20, 2014
वैसे तो बहुत सी बातें हैं लेकिन एक बात ख़ास तौर पर है जो शिखा दीदी को और मुझे जोड़ती है. वो है ये दिसंबर का महीना. मेरे लिए तो दिसंबर ख़ास रहा...

दीदी के हाइकू और मेरी बातें

Sunday, September 14, 2014
हाइकू जापानी कविता पद्धति है. मुझे ये हाइकू लिखना नहीं आता. लेकिन मेरी दीदी जो कि ब्लॉगर भी है, ‘कही-अनकही’ और ‘ कलाम-ए-मोहब्बत ’ जैस...

रीडिंग लिस्ट

Sunday, September 07, 2014
कभी कभी फेसबुक पर कुछ अच्छी चीज़ें ट्रेंड करने लगती हैं...जैसे कुछ दिन पहले एक ट्रेंड सा चल गया था फेसबुक पर, लोग अपने पसंद की दस किताबो...

एल्बम गाड़ियों का

Sunday, August 31, 2014
कई शौक थे मुझे बचपन में. उनमें से एक शौक था, गाड़ियों की तस्वीरें जमा करने का. मैं उन्हें एक एल्बम के रूप में सजा कर अपने पास रखता था. बड़ा ...

इवनिंग डायरी - लैपटॉप वापस आया

Thursday, July 24, 2014
एक लैपटॉप के बिना कितना असहाय से हो जाते हैं हम. अब हमारी ज़िन्दगी का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं ये गैजेट्स...लैपटॉप, मोबाइल या टैबलेट. पिछले...

नन्हा गुरु

Wednesday, June 25, 2014
आज यहाँ मैं प्रियंका दीदी की लिखी बाल कहानी "नन्हा गुरु" पोस्ट कर रहा हूँ. इस बालकथा को उन्होंने अंग्रेजी में लिखा था. जिसका बाद...

चचा का आशीर्वाद

Wednesday, June 18, 2014
सच कहूँ तो इस पोस्ट को लिखने का पहले कोई इरादा नहीं था...पिछले दिनों दो बातें ऐसी हुई जिसने शायद मुझे ये पोस्ट लिखने के लिए प्रेरित किया. ...
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