हॉस्टल की यादें..

Thursday, December 19, 2013
कॉलेज लाईफ की सबसे अनमोल यादों में से हॉस्टल में बिताये दिन सबसे पहले याद आते हैं...दोस्तों के साथ रात भर बैठकर गप्पें करना, बदमाशियों मे...

भैया एक लाईक का ही तो सवाल है

Monday, October 21, 2013
मुझे पिछले कुछ दिनों से हर रोज़ डांटा जा रहा है, की अपने ब्लॉग को अपडेट करूँ. लेकिन मैं लिखूं क्या ये सूझ नहीं रहा था.मुझे कहा गया था की &...

अच्छे दिन के साईड-इफैक्ट

Monday, September 02, 2013
अच्छे लोगों के साथ अच्छा दिन बिताने के शायद कुछ साईड इफैक्ट भी होते हैं..इंसान इतना खुश होता है की उसे बहुत सी चीज़ों का होश ही नहीं रहता....

छोटी छोटी बहनों के बड़े भैया

Wednesday, August 21, 2013
वैसे तो मेरे इस पोस्ट में लिखी अधिकतर बातों को आप इसी ब्लॉग में कहीं न कहीं किसी न किसी पोस्ट में पढ़ चुके हैं, लेकिन फिर भी यहाँ आज सब एकस...

वो कमरा याद आता है..

Saturday, August 10, 2013
जावेद साहब की एक कविता है "वो कमरा याद आता है".उस कविता को जब कभी पढ़ता हूँ, एक टीस सी उठती है मन में.दो पुराने कमरे बेतरह याद आत...
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