डबल सेंचुरी का बुखार - १-

Saturday, June 30, 2012
बेखबर रहने से बड़ा सुख कुछ भी नहीं.कितनी सही बात है ये.इसका एक छोटा सा प्रमाण मुझे तब मिला जब कल शाम युहीं बेकार बैठे हुए अपने ब्लॉग के प...

अमृतसर यात्रा - २ - वाघा बॉर्डर

Wednesday, June 27, 2012
जलियाँवाले बाग से निकलने के बाद हमने लंच किया और फिर वाघा  बॉर्डर  की तरफ निकल पड़े.वहाँ से  निकलने के बाद भी मैं पूरी तरह से उन यादों से...

स्नैक्स पॉइंट की एक शाम

Tuesday, June 05, 2012
बैंगलोर डायरी : ४  ये बातचीत मेरे और प्रकाश(बैंगलोर के एक कॉफी शॉप के मालिक का बेटा जो लगभग मेरा हमउम्र ही है) के बीच 24 सितम्बर 2011 को...
Powered by Blogger.