अपनी खिड़की से और ध्रुव गाथा : दो खूबसूरत किताब

Friday, December 28, 2012
दृढ संकल्प हटा सकता है गिरिवर को भी, धारा रेत बना देती है पत्थर को भी. पिछले महीने ही गिरिजा कुलश्रेष्ठ जी की दो किताबें डाक द्वारा प्र...

गुम हुई मेरी एक डायरी

Thursday, December 20, 2012
मैं शायद काफी जल्दी में था और बेहद उत्साहित था..एक तो मैं हैदराबाद दो साल बाद जा रहा था और ऊपर से मेरा बेहद करीबी दोस्त जिससे मैं तीन साल ...

सम इंट्रेस्टिंग ट्रेन जर्नीज़

Wednesday, December 05, 2012
बड़े दिनों से ब्लॉग पर कुछ भी नहीं लिख पा रहा था..बहुत से आधे अधूरे पोस्ट युहीं ड्राफ्ट में पड़े हुए सोच रहे होंगे की जाने कब हमें पब्लिश क...

फोटोग्राफर

Monday, October 08, 2012
मुझे लगता है की अगर आप देखना चाहते हैं की समय के साथ आपमें कितना बदलाव आया है तो आप अपने किसी पुराने पारिवारिक विडियो को देखने बैठ जाईये.बद...

सतह से उठता आदमी

Wednesday, September 26, 2012
मुझे लगता है की मन एक रहस्मय लोक है, उसमे अँधेरा है, अँधेरे में सीढियां हैं..सीढियां गीली हैं.सबसे नीचली सीढ़ी पानी में डूबी हुई है, वहां अ...

मीना कुमारी - एक एहसास

Wednesday, August 01, 2012
मीना कुमारी [1 August 1932 – 31 March 1972] मीना जी चली गईं..कहती थीं -  राह देखा करेगा सदियों तक, छोड़ जाएंगे यह जहां तन्हा ...

एक अजीब सा डर

Saturday, July 21, 2012
वो बचपन से ही डरता था.बेवजह ही एक डर उसके अंदर समायी हुई थी.लेकिन वो अपने इस डर के बारे में किसी से कुछ नहीं कहता.स्कूल जाने में, नये दोस...

डबल सेंचुरी का बुखार - ३ -

Friday, July 06, 2012
पहली और दूसरी पोस्ट से जारी, २०१० के अप्रैल-मई की बात है, कहीं किसी ब्लॉग पर एक कमेन्ट देखा, एकदम पटनिया भाषा का रंग लिए हुए..जाहिर है उ...

डबल सेंचुरी का बुखार - २ -

Sunday, July 01, 2012
(पिछली पोस्ट से जारी...) मेरे ब्लॉग में अधिकतर पोस्ट पर टिप्पणियों को मजेदार बनाने के श्रेय जाता है प्रशांत और स्तुति को...जिसमे क...

डबल सेंचुरी का बुखार - १-

Saturday, June 30, 2012
बेखबर रहने से बड़ा सुख कुछ भी नहीं.कितनी सही बात है ये.इसका एक छोटा सा प्रमाण मुझे तब मिला जब कल शाम युहीं बेकार बैठे हुए अपने ब्लॉग के प...

अमृतसर यात्रा - २ - वाघा बॉर्डर

Wednesday, June 27, 2012
जलियाँवाले बाग से निकलने के बाद हमने लंच किया और फिर वाघा  बॉर्डर  की तरफ निकल पड़े.वहाँ से  निकलने के बाद भी मैं पूरी तरह से उन यादों से...

स्नैक्स पॉइंट की एक शाम

Tuesday, June 05, 2012
बैंगलोर डायरी : ४  ये बातचीत मेरे और प्रकाश(बैंगलोर के एक कॉफी शॉप के मालिक का बेटा जो लगभग मेरा हमउम्र ही है) के बीच 24 सितम्बर 2011 को...

द गोल्डन 80's

Thursday, May 31, 2012
आप क्या सोचते हैं?अगर आपको पहले के किसी टाईमफ्रेम में जीने का अवसर मिले तो आप किस टाईमफ्रेम में जाना पसंद करेंगे?शायद अपने बचपन के टाईमफ्रे...

जाको राखे साईयां मार सके ना कोई

Wednesday, May 23, 2012
कुछ दिन पहले मैंने एक विडियो देखा.जिसमे इंडियन आर्मी के योगेन्द्र सिंह यादव ने अपने कारगिल युद्ध के अनुभव को सबके साथ साझा किया.कारगिल यु...

द फास्ट एंड द फ्युरिअस

Tuesday, April 17, 2012
पिछले पोस्ट में मैंने तीन कार-थीम फिल्मों का जिक्र किया था और कहा था की अगले पोस्ट में और भी अपने पसंदीदा फिल्मों का जिक्र करूँगा, लेकिन कु...

गॉन इन सिक्सटी सेकण्ड

Saturday, March 31, 2012
कारों के बारे में जानकारी इकठ्ठा करने का फितूर हमेशा से मुझे रहा है.कभी कभी तो ऐसा भी पागलपन किया है मैंने की जिसे सुन लोग हँसेंगे भी.कुछ स...

लहू है की तब भी गाता है - पाश

Saturday, March 24, 2012
पाश (9.9.50-23.03.88) पाश के बारे में पढ़ा हूँ लेकिन कभी ज्यादा पढ़ने का मौका नहीं मिला.करीब दो साल पहले प्रशांत ने शहीद भगत सिंह से सम...

वह, जो राजेश जी को कहना है

Tuesday, March 06, 2012
(कविता की समझ मुझमे बिलकुल नहीं है, तो इसे आप कविता-संग्रह की समीक्षा न समझें.मेरे लिए यह पोस्ट लिखना बड़ा कठिन था,क्यूंकि ना मेरे में पुस्त...

आई मिस यु बैंगलोर..वैरी मच

Sunday, March 04, 2012
बारिशों में बेल रोड और भी खूबसूरत हो जाती है बैंगलोर डायरी : ३ यार बैंगलोर, कैसे बताऊँ तुम्हे मैं किस तरह मिस कर रहा हूँ.एक तुम्ही तो...
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