एक्स्पोज़्ड:प्रशांत एंड स्तुति

Wednesday, December 28, 2011
भगवान कभी कभी बड़ा अन्याय करते हैं.पता ही नहीं चलता की किस गलती की सजा दे रहे हैं वो..अब देखिये न..इसे आप गलती ही कहियेगा न की भगवान ने जिंद...

ग़ालिब-गुलज़ार : गुलज़ार साहब के साथ कुछ लम्हे (७)

Tuesday, December 27, 2011
हैं और भी दुनिया में सुखनवर बहुत अच्छे,  कहते हैं कि गालिब का है अंदाज ए बयां और -गुलज़ार कभी कभी कोई रात फिल्म देखकर गुज़रती है...तो कभ...

इंजीनियरिंग के वे दिन (७)

Thursday, December 22, 2011
आजकल बड़े अजीब अजीब से सपने देख रहा हूँ.सबसे मजे की बात ये है की इन दिनों वही सपने आ रहे हैं जिनके पूरा होने की कहीं कोई भी गुंजाइश अब नहीं ...

प्रिय राम(निर्मल वर्मा के पत्र) : २

Thursday, December 15, 2011
(इन खतों को जिस दिन मैंने पढ़ा था, उसके बाद इसमें से कुछ न कुछ ड्राफ्ट में सेव करता गया.पोस्ट काफी बड़ी और क्लटरड हो गयी थी.इस वजह से काफी द...

प्रिय राम(निर्मल वर्मा के पत्र)

Tuesday, December 13, 2011
पिछले महीने पटना में एक किताब खरीदी थी - 'प्रिय राम'.इस किताब में निर्मल वर्मा के द्वारा अपने बड़े भाई चित्रकार रामकुमार को लिखे ...

ड्राइविंग थ्रू द हिमलायस

Thursday, December 08, 2011
अब ये एक पुरानी खबर हो गयी है.कम से कम एक महीने पुरानी खबर.जब से ये पोस्ट लिखा था मैंने तब से ही पता नहीं क्यों मैं इस पोस्ट को अपने 'का...
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