गुलज़ार साहब के साथ कुछ लम्हे -पार्ट ६ (हैप्पी बर्थडे)

Thursday, August 18, 2011
पुरे देश में अन्ना की हवा चल रही है.बैंगलोर भी इससे अछूता नहीं.यहाँ भी जगह जगह अन्ना के समर्थन में लोग घरों से बाहर सड़कों पर आ रहे हैं.जि...

राखी के दिन याद आयीं कुछ बातें

Saturday, August 13, 2011
चयेरी..ये नाम कितना अजीब लगता है न..मेरी बहन ने ये मेरा नाम रखा है.कारण? मैं चाय बहुत पीता हूँ इसलिए..अब तक जितनों को बता चूका हूँ इस नाम के...

किताबों का खोता अस्तित्व

Saturday, August 06, 2011
बहुत पहले की बात है, किसी अखबार या पत्रिका में पढ़ा था एक पुराने गुमनाम उर्दू शायर के बारे में(नाम नहीं याद)..किताबों से इतना लगाव था उन्हें...

अजब समित की गज़ब कहानियां

Thursday, August 04, 2011
(कुछ महीनो पहले, अकरम का बैंगलोर आना हुआ था, ये पोस्ट उसी समय लिखा था मैंने, आज अकरम से बात करने के बाद ये पोस्ट की याद आई, तो सोचा पब्लिश क...
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