अकेलापन - घबराना क्यों?

Tuesday, November 30, 2010
दो दिन पहले मेरी दोस्त कीर्ति का जन्मदिन था.फोन किया उसे जन्मदिन की मुबारकबाद देने के लिए तो पाया उसके आवाज़ में वो उत्साह नहीं था जो जन्मदि...

निर्मल सुख

Sunday, November 28, 2010
(फिर से डायरी से निकला एक पन्ना, इस बार निर्मल वर्मा के किताबों से कुछ जो मैंने कभी नोट कर के रख लिया था..अलग अलग कहानियों से लिया गया कु...

दोस्त, जब तुम्हारी याद आई.

Friday, November 26, 2010
(सीधा डायरी के पन्नों से निकाल के ब्लॉग पे) दोस्त, बात कहाँ से शुरू करूँ समझ नहीं आ रहा..परसों शाम मौसम बड़ा सुहाना था, हलकी ठंडी हवा बह र...

बस इंतज़ार !

Tuesday, November 23, 2010
इंतज़ार..इन्तेज़ार करना ही तो हमेशा से उसका सबसे प्रिय काम रहा है..जब से होश संभाला है उसने तबसे वो किसी न किसी इंतज़ार में ही तो है. बचपन म...

एक यादगार मुलाक़ात प्रवीण जी से

Sunday, November 21, 2010
जब से कुछ लोगों को खबर मिली है की मैं प्रवीण जी से मिलने वाला हूँ या मिल चूका हूँ, तब से वो पीछे पड़ गए की एक पोस्ट तो आनी ही चाहिए इस मुलाक...

आप किस गाँव से हो?

Saturday, November 20, 2010
जब पहली बार कर्नाटक आया था रहने के लिए, तब मन ही मन सोचता था की कैसे रह पाऊंगा इधर. लोगों से बहुत सुन रखा था की "साउथ इंडिया" में ...

एक पारिवारिक डायरेक्टर

Monday, November 15, 2010
जब मुझे फिल्मों की ज्यादा समझ नहीं थी, तब से ही वो मेरे सबसे पसंदीदा फिल्म-मेकर हैं. मेरे आस पास जो दोस्त रहते थे, उन सब में भी एक बात सा...

दो दोस्त और एक फिल्म

Wednesday, November 10, 2010
मौसम में फिर से वैसी ही हलकी ठंडक है.. ऐसा लगता है की जैसे समय वापस नौ दस साल पीछे चला गया हो..प्रभात और मैं वही पटना के सड़कों पे इधर उधर ...
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