गूगल का इस्तेमाल एक हद तक ही सही...



ये गूगल के बारे में तो सभी जानते हैं अच्छे से.सभी लोगों को पता है की गूगल है क्या.कुछ भी जानकारी चाहिए हो, तो बस हम लोग गूगल करने लगते हैं, किसी वेबसाइट का नाम याद नहीं या फिर किसी के बारे में जानना है, तो बस गूगल करो और जानकारी लो.कितने ही सर्च इंजन हैं इन्टरनेट पे, लेकिन हम सर्च माने बस गूगल ही समझते हैं.इस गूगल ने एक जगह बना ली है हमारे जिंदगी में.जो भी इंसान इन्टरनेट इस्तेमाल कर रहे हैं, वो दिन में एक बार तो जरूर ही इस गूगल का प्रयोग करते हैं.अगर हमें कहीं जाना भी हुआ और उस जगह का पता सही से मालूम नहीं तो बस गूगल मैप खोलो और देख लो जगह कहाँ पे है.इस गूगल ने अपनी जिंदगी आसान तो बहुत बना दी है.कितने ही ऐसे गूगल के ऑनलाइन सर्विसेस हैं जैसे गूगल सर्च, गूगल टॉक, गूगल न्यूज़,गूगल अर्थ,गूगल मैप,गूगल डाक्युमन्ट,गूगल कैलेंडर. और भी कितने ही ऐसे वेबसाइट हैं जो इस गूगल के अंतर्गत आते हैं जैसे की हमारा ये ब्लॉगर,ऑरकुट,पिकासा,यूट्यूब.ये सभी वेबसाइट गूगल द्वारा ही ओपरेट होते हैं.


ये  बात थोड़ी कड़वी लगे लेकिन सच्चाई ये है की गूगल हमारे दिमाग को थोड़ा कमजोर बना रहा है.हमें कुछ भी जानना हो चाहे तो कितनी छोटी से छोटी या बड़ी से बड़ी चीज़ क्यों न हो.हम बस गूगल कर लेते हैं.ऐसे कितनी छोटी छोटी बातें हैं जो हम याद नहीं रखते.जेनेरल नोलेज की बातें, जो फैक्ट्स एंड फिगर्स हम पहले बचपन में कंठस्त याद किये रहते थे वो तो सब कब का भूल गए, अब कोई ये भी पूछ दे अगर की ब्राजील का राजधानी क्या है, तो हममे से कितने लोग हैं जो सबसे पहले गूगल की तरफ ही मुह करते हैं.इन सब लोगों की श्रेणी में मैं भी आता हूँ.मुझे भी कितने छोटी छोटी बातें याद नहीं..और अगर कोई ये बातें पूछ दे तो हम बस गूगल की तरफ अपना रुख कर लेते हैं.एक अमेरिकी शोध द्वारा ये पता चला है की असल में गूगल के इतने ज्यादा वृहत इस्तेमाल के कारन हम चीज़ों को आसानी से भूलने लगे हैं.फैक्ट्स याद करने की क्षमता अब थोड़ी कम हो गयी है.
पहले अगर कोई जानकारी चाहिए होती थी तो आपको कोई मैग्जीन या किताब की मदद लेनी पड़ती थी, और उस जानकारी को खोज निकलने के लिए पूरी किताब पढनी पड़ती थी.अब तो ऐसा नहीं होता..जो भी चाहिए वो मिनट में हासिल हो जाता है.ये तो बात है ही की इस गूगल से हमारा बहुमूल्य समय बचता है और काम भी फटाफट हो जाता है.लेकिन इस गूगल के ऐसे इस्तेमाल से कहीं न कहीं हम परम्परागत पढ़ने की शैली भूलते जा रहे हैं.
हमारे बहुत से बड़े बुजुर्ग ऐसे हैं जिनकी तथ्यों को याद रखने की क्षमता हमारे से कहीं ज्यादा है, वो इसलिए भी है शायद की उनकी पढाई की शैली पारंपरिक थी, किताबें ही एक माध्यम थी जानकारी लेने के लिए, इन्टरनेट का नाम तक किसी ने सुना नहीं था.
इस बात से बिलकुल इनकार नहीं है की गूगल जानकारी लेने के लिए बहुत उपयोगी है लेकिन हमें सिर्फ इसी पे आश्रित नहीं रहना चाहिए.कहीं न कहीं कुछ तो हानि है ही गूगल पे इतना ज्यादा आश्रित होने में.अगर ऐसा ही हाल रहा और हम ऐसे ही आश्रित रहे गूगल पे तो जरा सोचिये की आने वाले जेनेरसन पर क्या असर परेगा, एक तो वैसे ही आज के कुछ आधुनिक बच्चे अपने देश के इतिहास के बारे में कम और दूसरे देश के बारे में ज्यादा जानते हैं, अपने देश के शहीदों से ज्यादा उनके पास जानकारी माइकल जैक्सन की है.ऐसे में अगर हम गूगल पे इसी तरह आश्रित रहे तो शायद ये एक गलत बात ही होगी.गूगल एक बहुत ही ज्यादा उपयोगी तकनीक है लेकिन इसका इस्तेमाल भी एक हद में किया जाना चाहिए.

13 comments

avatar

बिल्कुल सही लिखा आपने...पूर्णत: सहमत..
अति हर चीज की बुरी होती है...

avatar

100% agreed.ham apne dimag ka to istemal karna hi nahi chahte ab.

avatar

विचारणीय पोस्ट लिखी है।अति सच मे बुरी होती है....चाहे वो किसी की हो।

avatar

bilkul sahi kaha.......ati to ha rcheese ki buri hoti hai.

avatar

विचारणीय और उपयोगी जानकारी है ,,,,ये भी सही है की 'अति सर्वत्र वर्ज्यते ' ...

avatar

sahi kaha hai aapne.. aajkal kitabo me kuch dhoondna kitna old school lagta hai.. kuch chahiye to google :) jyaada ho jaata hai ..

avatar

sahi he aap ka kahna

magar ab google ko khole bager man bhi to nahi lagta he na


fir bhi savdhani baratni chahiye




bahut achha laga pad kar

bahut khub

http://kavyawani.blogspot.com/

avatar

सच में इसने हमारे याद करने की छमता को कम कर दिया है......

avatar

बात तो सही है पर... मुझे नहीं लगता ये रुकने वाला है...
एक जमाने में मुझे सारे फोन नंबर याद रहते थे... दोस्तों के लिए टेलीफोन डाइरेक्टरी था.. और अब खुद का नंबर भी याद नहीं (सही कह रहा हूं..)

avatar

अंकल जी, बात तो सही कही आपने .

avatar

100% agreed.
bahut sahi likha hai abhishek :)

avatar

सही बोल रहे हो अभिषेक
हमें गूगल पे ज्यादा dependent नहीं रहना चाहिए
लेकिन अब ये आदत ऐसी है जो छुटेगी भी नहीं आसानी से :(

आप सब का तहे दिल से शुक्रिया मेरे ब्लॉग पे आने के लिए और टिप्पणियां देने के लिए..कृपया जो कमी है मेरे इस ब्लॉग में मुझे बताएं..आपके सुझावों का इंतज़ार रहेगा...टिप्पणी देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद..शुक्रिया

Click to comment