कुछ दोस्तों के लिए..

अभी आज ही सुबह एक दोस्त का फ़ोन आया, उस समय मैं ऑफिस के लिए निकाल रहा, जल्दबाजी में था और मुह से ये निकाल गया "भाई बाद में बात करते हैं, अभी थोडा बीजी हूँ..ऑफिस जा रहा हूँ, आज कुछ ज्यादा काम है ऑफिस में". बस फिर क्या था, ये सुनते ही मेरे प्रिय दोस्त ने खोल दिया अपने शिकायतों का पिटारा..बहुत सी बातें कही जैसे तुम आज कल तो बड़े आदमी बन गए हो..बात करने तक की फुरसत नहीं, और भी बहुत सी कठोर बातें..जिसे सुन के दिल तो एकदम बैठ गया...वो मेरा इतना प्रिय दोस्त है की कुछ कठोरता से जवाब देने को दिल भी नहीं चाह रहा था और मैं बिलकुल नहीं चाह रहा था की मेरे किसी जवाब से उसका दिल हल्का सा भी दुखे...उस समय तो मैंने उसकी बातें सुन ली और कुछ नहीं कहा बस माफ़ी मांगते रहा....15  मिनट के बाद हमारी बात ख़त्म हुई..और इस समय तक मेरा मूड ख़राब हो गया था, एक पल सोचा की आज घर में ही रहा जाए और दिन भर सोने में गुजार दिया जाए लेकीन फिर अपने मेनेजर का चेहरा सामने आया तो तुरंत ऑफिस के लिए निकाल गया :D  ऑफिस से वापस आते ही सबसे पहले उस दोस्त को फ़ोन कर के ये यकीन दिलाया की मैं उसे भुला नहीं...फिर हमने हंसी मजाक की भी बातें की और कुछ ही सेकंड में रिश्ते में फिर से वही गर्माहट,मुस्कान लौट आयीं...इस बात को लेके आज मैं सारा दिन परेशान रहा.


वो जो मेरा दोस्त है(नाम बताना नहीं चाहूँगा मैं), वो इस ब्लॉग्गिंग दुनिया से बिलकुल अपरिचित है, इसलिए ये डर नहीं की वो ये पोस्ट पढ़ेगा..क्यूंकि ये पोस्ट अगर वो पढ़ेगा तो उसे बुरा जरूर लगेगा, जो मैं नहीं चाहता..
मेरा ये पोस्ट लिखने का बस एक ही उद्देश्य है की मैं अपने सारे प्रिय दोस्तों को ये बता दूँ की काम की व्यस्तता के कारण हो सकता है मैं उन्हें हमेशा संपर्क नहीं कर पाता(फ़ोन पे) , लेकीन इसका ये मतलब नहीं की मैं उनकी फ़िक्र नहीं करता...मैं अपने सारे दोस्तों के लिए आज भी उतना ही फिक्रमंद हूँ जितना पहले था और हर पल उन्हें याद भी करता हूँ..मैं कोशिश करते रहता हूँ की सब से संपर्क में रहूँ लेकीन कभी कभी इस कोशिश में असफल भी हो जाता हूँ....

जब भी किसी दोस्त के मुह से ऐसी बातें सुनता हूँ "की तुम तो भुल गए मुझे.." तो दिल बहुत दुखता है...मेरी बस यही दुविधा रहती है की मैं अपने दोस्तों को इस बात का कैसे यकीन दिलाऊं की मैं उन्हें कभी भुल नहीं सकता...कभी कभी ये सब बातें बहुत तकलीफ देती हैं....

बस यही निवेदन है, मेरे प्रिय दोस्तों से(जो मेरा ये पोस्ट पढ़ें हैं, और उनसे भी जो नहीं पढ़ पाए ये पोस्ट), की मैं कोशिश करता हूँ की आप सब से लगातार संपर्क बनाये रख सकूँ लेकीन कभी कभी ऐसा नहीं भी हो पता है, तो कृपया इससे कुछ गलत न समझें...मैं आज भी आप सबको उतना ही प्यार करता हूँ जितना पहले करता था, और आगे भी ये बेशमार प्यार बरकरार रहेगा....

" हम दोस्त थे..हम दोस्त हैं और हमेशा रहेंगे "

दोस्तों की बात उठी है तो उनके लिए इस गाने का लिंक यहाँ देना चाहूँगा, 

5 comments:

  1. ...बहुत सुन्दर !!!

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  2. Abhi ji, saare dost vyastta samajhte hai.. bas thodi khichai karte hai :)

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  3. जी उमा जी...आपकी बात समझता हूँ...:)

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  4. दोस्ती बिना किसी शर्त के होनी चाहिए..
    और हां दोस्तों को नाराज़ होने का अधिकार भी होता है.. गुसा होने का भी.. रूठ जाने का भी.. आखिर वो हमारे दोस्त है..

    अंत में.. आपके दिए गाने की एक लाईन.. "दिल चाहता है.. कभी ना बीते चमकीले दिन.. !"

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  5. @abhishek
    bro these things happen.dnt tke ts to heart :-)
    and though i didnt rcvd ur sms or call since last 15days i am not complaining :-D


    yaar aaj ek zamane baad tere blog pe aya and it looks fab dude :-)

    and wo jo bhi ladka/ladki hai jiske saath teri subah baat hui kya wo humare group se hai? if so then bas naam bata de...uske baad dekh tamasha :p


    ol d very best :)

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आप सब का तहे दिल से शुक्रिया मेरे ब्लॉग पे आने के लिए और टिप्पणियां देने के लिए..कृपया जो कमी है मेरे इस ब्लॉग में मुझे बताएं..आपके सुझावों का इंतज़ार रहेगा...टिप्पणी देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद..शुक्रिया

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