हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले

Saturday, March 27, 2010
ग़ालिब कि ग़ज़लें - पार्ट २  हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले, बहुत न...

पाश

Wednesday, March 24, 2010
युग को पलटने में मसरूफ लोग बुखार से नहीं मरते मौत के कंधे पर जाने वालों के लिए मौत के बाद जिंदगी का सफर शुरू होता है।  पाश - पंजा...

शहीद भगत सिंह का अंतिम पत्र

Tuesday, March 23, 2010
आज 23 मार्च है.आज ही के दिन भगत सिंह,सुखदेव और राजगुरु को ब्रिटिश सरकार ने फांसी कि सजा सुनाई थी.आज इन तीनो कि शहादत का दिन है.मुझे मालूम न...

दिल में दर्द, चेहरे पे ख़ुशी

Friday, March 19, 2010
फिल्म श्री 420 में जब नर्गिस ने राज कपूर से ये सवाल किया कि "तुम ये मसखरों जैसी हरकत क्यों करते हो", तो राज कपूर ने बड़े सहजता से...

तुम सब काश होते मेरे साथ...

Thursday, March 18, 2010
पिछले कुछ दिनों से मेरा एक बहुत ही अच्छा दोस्त अकरम मेरे साथ था.कुछ काम के सिलसिले में वो बंगलोर आया हुआ था,१ सप्ताह साथ रहे हम लोग और फिर व...

प्रशांत भाई के साथ एक मुलाकात...

Sunday, March 07, 2010
वैसे तो शायद मैं प्रशांत भाई से मिलने को बहुत ही दिनों से उत्सुक था, लेकिन कभी वैसा मौका ही नहीं लग रहा था की प्रशांत भाई से मुलाकात हो सके....

बेस्ट फ्रेंड

Wednesday, March 03, 2010
आज एक अरसे के बाद मैं वापस अपने पुराने स्कूल के दिनों में चला गया था.काफी दिनों बाद मैं अपने बचपन के दोस्त, अपने बेस्ट फ्रेंड प्रभात के सा...
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